
गाजियाबाद। जनपद ने धुंध की चादर ओढ़ रखी है। दिवाली (Diwali) के बाद से यहां लोगों को सूरज के दर्शन भी नहीं हुए हैं। बुधवार को भी गाजियाबाद (Ghaziabad) में वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ा हुआ मिला। इसके चलते लोगों को कई शिकायतों का सामना करना पड़ रहा है। इसको देखते हुए आईएमए (IMA) की तरफ से एडवायजरी जारी की गई है।
अलर्ट जोन में है गाजियाबाद
दिल्ली-एनसीआर (Delhi NCR) में इस समय हवा की क्वालिटी काफी खराब हालत में है। गाजियाबाद भी अलट जोन में है। प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद प्रदूषण पर लगाम नहीं लग पा रही है। इस वजह से जनपद में धुंध छाई हुई है। आईएमए अध्यक्ष डॉ. विश्वबंधु जिंदल का कहना है कि कहा कि प्रदूषण का असर शरीर के प्रत्येक अंग पर पड़ता है। इस वजह से बाल, गला, आंख, लीवर, बोनमेरो, नर्वस सिस्टम, सिर दर्द और त्वचा भी प्रभावित होती है। इसकी वजह से डायरिया की बीमारी भी हो सकती है। वातावरण में मौजूद हानिकारक तत्व सांस के जरिए शरीर में पहुंच जाते हैं। ये खून में मिलकर लोगों को रोगी बना देते हैं।
डॉक्टर ने दी ये सलाह
- अगर आप सुबह सैर पर जाते हैं तो सुबह कुछ खाकर घर से निकलें। खाली पेट टहलने से परहेज करें।
- पार्क में ओस देखने के बाद ही वहां पर टहलें। ओस की वजह से प्रदूषण की एक लेयर साफ हो जाती है।
- घर से बाहर जाते समय मास्क लगाकर निकलें।
- खाने में हेल्दी खुराक लें और खूब पानी पिएं। इससे शरीर को हानि पहुंचाने वाले प्रदूषित तत्व शरीर से बाहर निकल जाएंगे।
Published on:
30 Oct 2019 01:20 pm
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