
dog-bite
Dog bite case increased in Ghaziabad : गाजियाबाद में लगातार कुत्तों के काटने के वीडियो के साथ नए मामले सामने आ रहे हैं। आज हम आपको जो आंकड़े दिखाने जा रहे हैं वह देखकर आप निश्चित रूप से हैरान रह जाएंगे। क्योंकि सितंबर के महज 14 दिन में ही 1913 मरीज पहुंचे हैं, जो जुलाई-अगस्त के मुकाबले दोगुने से भी अधिक हैं। यह आंकड़े सिर्फ जिला एमएमजी सरकारी अस्पताल के हैं। जबकि कुछ लोग प्राइवेट अस्पतालों में भी कुत्ताें के काटने का अपना इलाज करवाते हैं। सरकारी अस्पताल में बड़ी संख्या में लोग अपना इलाज कराने और रैबीज के इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं।
जिला एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने बताया कि हाल में कुत्तों के काटे जाने के केस अधिक आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सिर्फ इसी सरकारी अस्पताल में जुलाई महीने की अगर बात करें तो 1626 लोगों को कुत्ते काटे जाने की वैक्सीन लगाई गई है। जबकि अगस्त में 1980 और सितंबर की 14 तारीख तक ही 1913 लोगों को कुत्ते काटने के इंजेक्शन लग चुके हैं। जिला एमएमजी अस्पताल के सीएमएस मनोज चतुर्वेदी ने बताया कि इस दौरान कुत्तों में हारमोंस की चेंजिंग होती है और इस कारण से भी उनका आक्रामक रूप सामने आता है। यानी इन दिनों में कुत्तों का मेटिंग सीजन होता है।
कुत्ते के काटने पर पहले घर में करें इलाज
जिला एमएमजी अस्पताल के डॉ. सुनील पंवार ने बताया कि जैसे ही कभी कोई कुत्ता आपको काटे तो सबसे पहले नल के साफ पानी से धोएं और फिर कपड़े धोने के किसी भी साबुन से लगातार धोते रहें। साबुन में कास्टिक सोडा होता है। कुत्ते के काटने पर मरीजों को काफी हद तक इससे आराम मिल जाता है। कास्टिक सोडा रेबीज को नष्ट करने में मददगार साबित होता है।
अस्पताल में बढ़ी मरीजों की भीड़
जब 'पत्रिका' टीम जिला एमएमजी अस्पताल पहुंची और गहन पड़ताल की। जिस वार्ड में कुत्ते काटे जाने के इंजेक्शन लगाए जाते हैं। वहां पर ऐसे लोग बड़ी संख्या में दिखाई दिए, जो कुत्तों के काटने का इलाज कराने पहुंचे थे। सीएमएस डॉ. मनोज चतुर्वेदी ने बताया कि कुत्ते काटने केस तेजी से बढ़े हैं। कुत्तों के आक्रामक होने का सबसे बड़ा कारण उनका ब्रीडिंग सीजन होना है।
Published on:
17 Sept 2022 03:03 pm
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