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सावधान! कहीं आप भी घर बनाने में इस्तेमाल तो नहीं कर रहे ये नकली सीमेंट, ऐसे होता है तैयार

गाजियाबाद के थाना मसूरी में पुलिस ने किया नकली सीमेंट बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश, 370 बोरी नकली सीमेंट और 120 बोरी राख के साथ अन्य सामान बरामद।

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Cement Rate Hike: हड़ताल खत्म फिर भी कंपनियों ने बढ़ा दिए सीमेंट के दाम, जानें क्या है कीमत

गाजियाबाद. मसूरी थाना पुलिस और स्वाट टीम के संयुक्त अभियान के तहत नकली सीमेंट बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से नामी कंपनियों की 370 बोरी में पैक नकली सीमेंट के अलावा 120 बोरी राख एवं अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस फिलहाल अभी उन खरीदारों की तलाश में जुटी है, जो यहां से सीमेंट खरीद कर सीमेंट की दुकानों पर पहुंचाते थे।

एसपी आकाश पटेल ने बताया कि हाल में ही जिले में ऐसी शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि घटिया सीमेंट लगने के कारण निर्माणाधीन इमारतें गिर रही हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए घटिया और नकली निर्माण सामग्री बनाने वालों के खिलाफ पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाया, जिसके तहत स्वाट टीम और मसूरी पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी। मुखबिर की सूचना पर थाना मसूरी क्षेत्र के भूड़ गढ़ी गांव में चल रही अवैध फैक्ट्री पर छापा मारकर वहां से 370 नकली सीमेंट की बोरी और 120 बोरी राख एवं अन्य सामान बरामद हुआ। पुलिस ने जैसे ही फैक्ट्री पर छापा मारा तो फैक्ट्री का संचालन करने वाले दो मुख्य आरोपी समेत तीन लोग फरार हो गए। जबकि फैक्ट्री में मौजूद लालकुआं निवासी जयंती प्रसाद व उसका भाई विनोद गिरी और बिसरख के रहने वाले अनिल कुमार यानी कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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रिजेक्ट सीमेंट में राख मिलाकर बनाते थे सीमेंट

उन्होंने बताया कि फिलहाल सैन विहार के रहने वाले हरीराज उर्फ मोनी, अनिल का भाई सुनील की तलाश की जा रही है। उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों ने बताया कि यह सब लोग रेलवे स्टेशन पर जो नामी कंपनियों का सीमेंट उतरता है और उसमें कुछ खराब हो जाता है, उसे खरीद लिया करते थे। कुछ सीमेंट को वह रेलवे स्टेशन पर ही बेच दिया करते थे। इसके अलावा बाकी सीमेंट को यहां लाकर नकली सीमेंट तैयार करते थे। उन्होंने बताया कि एनटीपीसी अपनी राख बेचता है। ये लोग रिजेक्ट सीमेंट में राख मिलाकर नकली सीमेंट बना रहे थे। उसमे एक तिहाई सीमेंट में दो तिहाई राख मिलाकर कई नामी कंपनियों के नाम पर इस सीमेंट को बाजार में बेच देते थे। यह गोरखधंधा पिछले काफी समय से फल फूल रहा था। मुखबिर की सूचना पर इस फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर दिया गया है। फिलहाल उन लोगों की भी तलाश की जा रही है, जो भारी मात्रा में सीमेंट खरीद कर बाजार में सप्लाई किया करते थे।

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