
इन शहरों के बीच 2023 में दौड़ेगी देश की पहली हाई स्पीड ट्रेन, जानें- कितना होगा किराया
गाजियाबाद. देश की पहली हाई स्पीड ट्रेन गाजियाबाद से चलेगी। इसे साहिबाबाद से दुहाई के बीच चलाया जाएगा। एनसीआरटीसी के अधिकारियों की मानें तो इस 18 किलोमीटर के रूट का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है, जो जनवरी 2023 तक बनकर तैयार हो जाएगा। ट्रायल के बाद मार्च 2023 तक इसे आम जनता के लिए शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि सबकुछ योजना के अनुसार हुआ तो 2025 में सराय काले खां से मेरठ के बीच 82 किलोमीटर के रूट पर भी संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
एनसीआरटीसी (NCRTC) ने मार्च 2023 से साहिबाबाद-दुहाई के बीच देश की पहले हाई स्पीड ट्रेन दौड़ाने का लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। एनसीआरटीसी के अधिकारियों ने बताया है कि पहले चरण के लिए 18 किलोमीटर लंबे रूट पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पहले चरण के तहत दुहाई में डिपो बनाया जाएगा, जो दिसंबर 2022 तक बनकर तैयार कर लिया जाएगा। उनका कहना है कि साहिबाबाद से दुहाई के बीच ट्रेन का परिचालन शुरू होने के बाद तकनीकी व व्यावहारिक दिक्कतों का पता चल जाएगा और इससे सराय काले खां से मेरठ के बीच 82 किलोमीटर के रूट पर संचालन में आसानी होगी।
पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई के बीच हाई स्पीड ट्रेन के लिए दुहाई, गुलधर, गाजियाबाद और साहिबाबाद स्टेशन बनाए जाएंगे। इन स्टेशनों के बीच पांच मिनट के अंतराल पर यात्री ट्रेन की सुविधा ले सकेंगे। वहीं अगले चरण में सराय काले खां से मेरठ के बीच चलने वाली ट्रेन 10 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध होगी। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की भीड़ को देखते हुए ट्रेन के संचालन के समय को पांच व दस मिनट से भी घटाया जा सकता है।
दो रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से होगा किराया
अधिकारियों ने बताया कि डीपीआर में किराया दो रुपये प्रति किलोमीटर की दर से रखने की बात कही गई है। इस तरह मेरठ से सराय काले खां तक 82 किलोमीटर के रूट पर हाई स्पीड ट्रेन का किराया 164 रुपये में होगा। अधिकारियों का कहना है कि यह किराया वर्तमान में मिलने वाले सरकारी परिवहन संसाधनों से अधिक है। इसके पीछे उनका तर्क है कि इससे यात्रियों के समय की भी बचत होगी। क्योंकि अभी मेरठ से दिल्ली तक का सफर करने में तीन से चार घंटे लग जाते हैं। इसके चलते दिल्ली गुरुग्राम में नौकरी करने वाले मेरठ के लोगों को वहीं रहना पड़ता है। हाई स्पीड ट्रेन से वे लोग रोजाना अपडाउन कर सकेंगे। हाई स्पीड ट्रेन से अधिकतम एक घंटे में मेरठ से दिल्ली पहुंचा जा सकेगा।
मेरठ में चलेगी तीन कोच की ट्रेन
अधिकारियों का दावा है कि 2025 में मेरठ से दिल्ली के लिए पहले तीन कोच की ट्रेन दौड़ सकेगी। डीपीआर में जो अनुमान लगाया गया है उसके हिसाब से रूट तैयार होने तक ज्यादा बड़ी संख्या में लोग मेट्रो सेवा इस्तेमाल करने की स्थिति में नहीं होगी, क्योंकि एक ही रूट पर मेट्रो और रैपिड ट्रेन का संचालन होगा। इसलिए दिल्ली व गाजियाबाद जाने वाले लोग हाईस्पीड ट्रेन ही पकड़ेंगे, जो हर 10 मिनट पर उसी स्टेशन पर मिलेगी। इसलिए शुरूआत में तीन कोच की मेट्रो चलाई जाएगा। आग जरूरत पड़ती है तो कोच की संख्या बढ़ा दी जाएगी।
दिल्ली-मेरठ रोड को बनाया जाएगा 6 लेन
एनसीआरटीसी के मुख्य योजना प्रबंधक राकेश कुमार ने बताया कि 2025 में जैसे ही रैपिड ट्रेन का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा तो इसके बाद गाजियाबाद के मेरठ तिराहे से मेरठ तक छह लेन रोड तैयार की जाएगी। इसी के तहत दुहाई से आगे भी सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। जैसे ही रूट का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा तो बीच की तीन मीटर सड़क को छोड़ते हुए बाकी की सड़क आवागमन के लिए शुरू कर दी दी जाएगी, जो छह लेन की होगी।
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Published on:
27 Jun 2019 01:09 pm
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