
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) का गाजियाबाद (Ghaziabad) लगातार तीसरे दिन देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। यहां लगातार प्रदूषण में इजाफा हो रहा है। शुक्रवार को फिर से प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ पाया गया है। इसके चलते गाजियाबाद के डीएम (DM) अजय शंकर पांडे ने एहतियात के तौर पर बच्चों को मास्क लगाकर स्कूल जाने की एडवाइजरी जारी की है। इससे स्कूली बच्चों पर इसका असर नहीं पड़ेगा।
शुक्रवार को भी छाई रही धुंध
जनपद की हालत गुरुवार को भी खराब रही। गुरुवार को भी यह देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। सेंट्रल पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, 31 अक्टूबर को गाजियाबाद का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 482 रहा। इसके बाद हापुड़ दूसरे नंबर पर है। उसका एक्यूआई 477 रहा। शुक्रवार को भी गाजियाबाद में वायु प्रदूषण की वजह से धुंध छाई रही। जनपद में सुबह मॉर्निंग वॉक करने वालों की संख्या कम हो गई है। जो जा भी रहे हैं, वे मुंह पर मास्क लगाकर या कपड़ा ढककर घर से निकल रहे हैं। बुजुर्गों और बच्चों की संख्या पार्क में कम देखने को मिल रही है। इसको देखते हुए डीएम ने स्कूलों और बच्चों के लिए एडवायजरी जारी की है। डीएम अजय शंकर पांडे का कहना है कि बच्चे मास्क लगाकर स्कूल के लिए जाएं। इससे उन पर प्रदूषण का प्रभाव नहीं पड़ेगा।
स्कूलों को भी दी सलाह
- स्कूलों को आउटडोर एक्टिविटी नहीं कराने को कहा गया है
- स्कूल खुलने से पहले पानी का छिड़काव करने की सलाह दी
- बच्चों को खाली पेट नहीं आने और खूब पानी पीने को कहा गया
- साथ ही बच्चों को साफ पानी से आंख धोने की एडवाइज दी गई है।
3 नवंबर के बाद मिल सकती है राहत
गाजियाबाद समेत पूरे दिल्ली-एनसीआर में धुंध छाई हुई है। लोग प्रदूषण से परेशान हैं। मौसम वैज्ञानिक कुलदीप श्रीवास्तव का कहना है कि पटाखों व कूड़े को जलाने आैर अनरू वजहों से स्मॉग बन गया है। मौसम में बदलाव से हवा का दबाव कम नहीं हो पा रहा है। संभावना है कि 3 नवंबर के बाद तेज हवाएं चलेंगी। इससे प्रदूषण से काफी हद तक मुक्ति मिल सकती है।
Published on:
01 Nov 2019 11:13 am
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