
गाजियाबाद। जहां एक तरफ सरकार सूबे को भ्रष्टाचार मुक्त बनाए जाने के तमाम प्रयास कर रही है, वहीं गाजियाबाद (Ghaziabad) में खाकी पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। भ्रष्टाचार के एक मामले में इस बार मुरादनगर (Muradnagar) के थाना अध्यक्ष फंसे हैं। उन्होंने अपराधी की दूसरी रिपोर्ट देने में चार माह की देरी की थी और पहली रिपोर्ट में अपराध को छुपाया था।
कोर्ट ने कहा, मामला गंभीर लापरवाही का है
इस वजह से एडिशनल जिला मजिस्ट्रेट की एडीएम कोर्ट (Court) ने थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के आदेश दिए थे। इस मामले में कोर्ट ने कहा है कि मामला गंभीर लापरवाही का है। इसमें आरोपी को लाभ पहुंचाने से इनकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट के आदेश के बाद थानाध्यक्ष पर कार्रवाई होनी तय मानी जा रही है।
यह है मामला
जानकारी के मुताबिक, मुरादनगर (Muradnagar) में रहने वाले अमित त्यागी के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई करने के लिए थाना अध्यक्ष की तरफ से 10 मार्च 2019 को आख्या भेजी गई थी। कोर्ट में सुनवाई के वक्त अभियोजन ने कहा कि विपक्षी पर कारण बताओ नोटिस में दिए गए मुकदमों के अलावा कई अन्य केस भी दर्ज हैं। इनकी जानकारी मुरादनगर पुलिस ने इस पूरी आंख्या में छुपाई है। कोर्ट ने पिछले वर्ष जुलाई (July) में थाना पुलिस को निर्देश दिया कि वह विपक्षी के विरुद्ध केस शामिल कर आख्या उपलब्ध कराए।
इंस्पेक्टर ने पहुंचाया आरोपी को लाभ
कोर्ट के आदेश के बाद मुरादनगर के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर ओमप्रकाश सिंह ने चार महीने की देरी से आख्या उपलब्ध कराई। इसमें पूरी हेरा फेरी नजर आई। कोर्ट ने इसको लेकर लिखा है कि 29 सितंबर 2019 को अमित के विरुद्ध उपलब्ध आख्या और 10 अप्रैल 2019 को दी गई आख्या में मुकदमा संख्या 814/18 धारा आर्म्स एक्ट, मुकदमा संख्या 818/18 धारा और धारा 3/25 आर्म्स एक्ट का कोई जिक्र नहीं किया गया है। नई आख्या में पिछला रिकॉर्ड नहीं दिखाया गया। इससे साफ जाहिर है कि थानाध्यक्ष द्वारा आरोपी को लाभ पहुंचाया गया है। इस मामले में थाना अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह की ही लापरवाही मानते हुए एसएसपी को कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
लोनी में पकड़ा गया था मुंशी
आपको बताते चलें कि इस तरह का मामला अभी हाल में ही लोनी में भी सामने आया था। वहां पर शांति भंग किए जाने के आरोप में बंद किए गए एक आरोपी को वहां के मुंशी ने पैसे लेकर छोड़ दिया था। आरोपी को एसएसपी ने सस्पेंड भी किया था। मुंशी को जेल भी भेजा गया। अभी यह मामला शांत भी नहीं हुआ था कि थाना मुरादनगर के एसएचओ पर तमाम तरह के सवाल खड़े हो गए हैं।
Updated on:
03 Mar 2020 10:07 am
Published on:
03 Mar 2020 10:05 am
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