
एंटी करप्शन टीम के सदस्य
Ghaziabad News: गाजियाबाद में तैनात वरिष्ठ उप निरीक्षक को भ्रष्टाचार निवारण संगठन इकाई मेरठ ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। एंटी करप्शन टीम ने वरिष्ठ उप निरीक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। आज बुधवार को न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। दरोगा की गिरफ्तारी के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।
Ghaziabad News: गाजियाबाद जिले के अंकुर विहार थाने में तैनात वरिष्ठ उप निरीक्षक मुन्नालाल सागर को 20 हजार की रिश्वत लेते एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार किया है। प्रॉपर्टी डीलर पर दर्ज धोखाधड़ी के मुकदमे में नाम निकालने के लिए दरोगा ने 50 हजार की रिश्वत मांगी थी। 20 हजार में नाम निकालने का मामला तय हो जाने के बाद इसकी शिकायत प्रॉपर्टी डीलर कृपाल सिंह ने मेरठ की एंटी करप्शन टीम से किया था। मंगलवार को एंटी करप्शन की 15 सदस्यीय टीम अंकुर विहार थाने पहुंची। इसके बाद कृपाल सिंह ने दरोगा को बताया कि वह पैसा लेकर आया है। तो दरोगा ने कृपाल सिंह को थाने के बाहर ही खड़ा रहने को कहा इधर एंटी करप्शन टीम पहले से ही अपना पूरा जाल बिछा चुकी थी। जैसे ही दरोगा थाने के बाहर आया। कृपाल सिंह ने उसे 20 हजार रुपये दिए। पैसा जेब में रखते समय ही टीम ने दरोगा को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे अपने साथ ले गई। करीब दो घंटे पूछताछ के बाद दरोगा के खिलाफ ट्रॉनिका सिटी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। आज बुधवार को दरोगा को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
दरअसल बेहटा हाजीपुर लोनी बाॅर्डर के रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर कृपाल सिंह के खिलाफ विकास कुमार ने अंकुर विहार थाने में धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कराया था। इस मुकदमे से कृपाल सिंह का नाम निकालने के लिए थाने में तैनात वरिष्ठ उप निरीक्षक मुन्नालाल सागर ने पहले 50 हजार की रिश्वत मांगी। कहां की विवेचना के दौरान आपका नाम निकल जाएगा। जिसकी शिकायत प्रॉपर्टी डीलर ने एंटी करप्शन टीम की मेरठ इकाई से किया था।
इस संबंध में मीडिया को दिए गए बयान में टीम प्रभारी योगेंद्र कुमार ने कहा कि रिश्वत लेते हुए उप निरीक्षक को गिरफ्तार किया गया है। दरोगा के खिलाफ ट्रॉनिका सिटी पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
Updated on:
22 Jan 2025 04:12 pm
Published on:
22 Jan 2025 04:12 pm
