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अगर आप भी करते हैं फ्लिपकार्ट से शॉपिंग तो पढ़ें यह खबर

इस कंपनी को लगाया 10 लाख रुपये का चूना

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fraud with online company

गाजियाबाद।अक्सर आप ने आॅनलाइन साइट्स पर मोबाइल बुक कराकर हजारों रुपये देकर आॅर्डर में र्इट आैर पत्थर आते देखा आैर सुना होगा। लोगों ने इसका जिम्मेदार आॅनलाइन कंपनियों को ठहराया था, लेकिन अब गाजियाबाद पुलिस ने एक एेसे ही गिरोह का भाड़ाफोड़ किया है। जो कंपनियों से आॅर्डर के मुताबिक आए सामान को अपने पास रखकर पैकिंग में नकली सामान से लेकर लोगों को र्इट-पत्थर तक डिलिवर कर देते थे। पुलिस गिरफ्त में आए ये आरोपी आेर कोर्इ आेर नहीं बल्कि नामी आॅनलाइन कंपनियों के डिलिवरी बाॅय है।

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कुछ इस तरह हेराफेरी कर कंपनी को लगा चुके है लाखों का चूना

आॅनलाइन शाॅपिंग कंपनी फ्लिपकार्ट के कंप्यूटर से जुड़े प्रॉडक्ट को कार्टिंग-प्रो नाम की एक कंपनी डिलिवर करती है। इस कंपनी में राजू, रिंकू गौड़ और आसिफ अहमद डिलिवरी बाॅय का काम करते हैं। तीनों ही आरोपी दिल्ली के रहने वाले हैं। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपनी जगह अपने रिश्तेदारों के नाम पर अलग अलग सिम ले लेते थे। इसके बाद खुद अलग अलग क्षेत्र आैर नाम से आॅनलाइन शाॅपिंग साइट कंपनी फ्लिपकार्ट पर ही आॅर्डर बुक कराते थे। आॅर्डर की डिलिवरी आने पर दूसरे नंबर पर आॅर्डर कैंसल करा देते थे। इस दौरान आरोपी खुद ही असली सामान निकालकर पैकेट में उसकी जगह नकली सामान डालकर कंपनी पहुंचाने के साथ ही दूसरे लोगों को डिलिवरी कर देते थे। इस तरह आरोपी पिछले तीन महीनों में 24 ऑर्डर किए और आॅनलाइन कंपनी को 10 से 12 लाख रुपये का चूना लगा दिया।

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ऐसे खुली इस फर्जीवाड़े की पोल

फ्लिपकार्ट के असिस्टेंट मैनेजर ने बताया कि जिस सामान को बुक कराने से लेकर डिलिवरी के नाम पर आरोपी खेल करते थे। उसको कैश ऑन डिलिवरी से लेकर उसकी रेंज कम से कम 4500 और ज्यादा से ज्यादा 1 लाख रुपये होती थी। हाल ही में जब वापस आए स्टॉक को चेक किया गया। तो ज्यादातर माल नकली मिला। इस पर कंपनी अधिकारियों को शक हुआ। उन्होंने कंपनी के अंदर ही इसकी जांच करार्इ। साथ ही कंपनी अधिकारियों ने मामले की शिकायत लिंक रोड थाने में दी। इस पर पुलिस ने आरोपियों पर नजर रखने के साथ पूछताछ के बाद तीनों आरोपियों को दबोच लिया। वहीं कंपनी अधिकारियों ने इन डिलिवरी बाॅय को कंपनी ने बिना किसी सत्यापन के रखा था।

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