28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Ghaziabad: नर्सों ने बताया, उस दिन जमातियों ने क्या किया था वार्ड में

Highlights जिला एमएमजी अस्पताल में भर्ती थे छह जमाती पुलिस ने दर्ज किए पीड़ित नर्सों के बयान पुलिस ने शासन को भेजी अपनी रिपोर्ट

2 min read
Google source verification
ghaziabad_1.jpg

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गाजियाबाद (Ghaziabad) में जमातियों की हरकत के बाद हड़कंप मच गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) ने भी आरोपियों पर एनएसए (NSA) लगाने के निर्देश दिए थे। इस मामले में नगर कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। गुरुवार को पुलिस ने जिला एमएमजी अस्पताल (MMG Hospital) में पीड़ित नर्सों के बयान दर्ज किए। इसमें नर्सों ने उस दिन का वाकया बताया है।

एसपी सिटी ने लिए बयान

आइसोलेशन सेंटर में महिला नर्सों के आरोपों की जांच के लिए एडीएम सिटी और एसपी सिटी मौके पर पहुंचे थे। इसकी गहनता से जांच की गई। नर्सों के बयान लेने के बाद पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। गाजियाबाद (Ghaziabad) के एसपी सिटी मनीष कुमार मिश्रा ने बताया कि निजामुद्दीन मरकज कार्यक्रम से लौटे मसूरी के रहने वाले 6 जमाती (Jamaati) कोरोना संदिग्ध पाए गए थे। उनको जिला एमएमजी अस्पताल में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। वहां के नर्सिंग स्टाफ ने सीएमएस (CMS) को लिखित में शिकायत की थी कि यहां पर मौजूद जमातियों ने के द्वारा वार्ड के अंदर अश्लील हरकत और बदसलूकी की है। उनके अनुसार, सीएमएस ने इसकी सूचना लिखित में शहर कोतवाली में दी थी। सूचना के आधार पर एडीएम सिटी शैलेंद्र कुमार और वह मौके पर पहुंचे थे। आरोपों के आधार पर मामला सही पाया गया है। बाकी अभी जांच की जा रही है।

यह भी पढ़ें: Tabligi Jamaat: जमातियों की इन अजीबो—गरीब डिमांड को सुनकर आपको आएगा गुस्सा

डीएम ने दिए थे केस दर्ज करने के आदेश

डीएम अजय शंकर पांडे ने आरोपियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से मामला दर्ज करने के भी निर्देश दिए थे। उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसकी पूरी विवेचना की गई। दोषी पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। वहीं, जानकारी के अनुसार नर्सों ने बयान दिया है कि जमातियों ने अश्लील हरकत की थी।

यह भी पढ़ें: Coronavirus: तीन टीचरों ने सड़क पर बनाई पेंटिंग, वायरस खत्म होने के दो साल बाद भी लोगों को रखेगी अलर्ट

यह कहा नर्सों ने

पहली नर्स ने कहा कि वह एक अप्रैल को वह आईसोलेशन वार्ड में मरीजों को इंजेक्शन लगाने गई थीं। उनको देखकर दो लोग हंसने लगे। उनको नजरअंदाज कर नर्स मरीज देखने लगीं। वार्ड से बाहर आकर उन्होंने यह बात अपने साथियों को बताई। जबकि दूसरी नर्स ने बताया कि जब उनको उनकी साथी नर्स ने इस बारे में बताया तो वह वार्ड में गईं। वहां पर हमात से आए लोग अश्लील इशारें कर रहे थे। उन लोगों ने कपड़े भी नहीं पहने हुए थे। जब उन्होंने इसको लेकर उनको मना किया तो आरोपियों ने उन पर गंदे कमेंट किए। उनका कहना है कि पहले आरोपियों को समझाया गया लेकिन जब वे नहीं माने तो उन्होंने सीएमएस से शिकायत की थी।