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Coronavirus: इस सरकारी विभाग में नहीं है कोरोना का डर, एक ही पेन से सैकड़ों लोग कर रहे साइन

Highlights RTO में नजर आ रही है लोगों की भीड़ बायोमीट्रिक पेन से किए जा रहे हैं हस्ताक्षर मुंह पर मास्‍क लगाए बैठे दिखे एआरटीओ

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गाजियाबाद। कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ने के साथ साथ लोगों में इसका खौफ भी लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन भी इसे गंभीरता से लेते हुए पूरी तरह अलर्ट पर है। जहां सरकार ने स्कूलों और कॉलेजों को 2 अप्रैल (April) तक बंद के जाने के आदेश दिए हैं और लोगों को ज्यादा भीड़ वाले इलाके में ना जाने की सलाह दी जा रही है। वहीं, गाजियाबाद (Ghaziabad) के संभागीय परिवहन विभाग (RTO) में लोगों की भीड़ बरकरार नजर आ रही है।

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कई जगह रखवाया गया सैनिटाइजर

गाजियाबाद के आरटीओ ऑफिस में लोगों की भीड़ कम नहीं हुई है। यहां खासतौर से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले लोग अपने अपॉइंटमेंट पर कार्यालय पहुंच रहे हैं। आश्चर्य की बात जब सब जगह बायोमीट्रिक हाजिरी बंद हो गई है तब यहां पर बायोमीट्रिक पेन से हस्ताक्षर किए जा रहे हैं। उसे दिनभर में सैकड़ों लोग अपने हाथ में पकड़ते हैं। इस वजह से यहां संक्रमण फैलने का ज्यादा अंदेशा है। हालांकि, संभागीय परिवहन विभाग का यह भी दावा है कि कार्यालय में ज्यादा लोगों को आते हुए देखकर जगह-जगह सैनिटाइजर का इंतजाम किया गया है। हर खिड़की पर सैनिटाइजर रखा हुआ दिख भी रहा है। कार्यालय में कार्य कर रहे कर्मचारी भी अपने मुंह पर मास्क लगाए हैं और सैनिटाइजर का बार-बार इस्तेमाल कर रहे हैं।

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विंडो पर भी रखवाया गया सैनिटाइजर

गाजियाबाद के एआरटीओ (ARTO) प्रशासन विश्वजीत प्रताप सिंह भी अपने मुंह पर मास्‍क लगाए बैठे दिखे। उन्‍होंने बताया कि कोरोना के खतरे को देखते हुए सभी कर्मचारियों को सैनिटाइजर और मास्क दिए गए हैं। इतना ही नहीं आने वाले लोगों के लिए भी विंडो पर ही सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई है। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले आवेदक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करते हैं। उन्हें जो डेट मिलती है, उस पर आकर लाइसेंस बनवाना होता है। दो दिन के अंदर ही करीब 900 लोगों के लाइसेंस बनाए गए हैं। बायोमीट्रिक कलम का इस्तेमाल सभी लाइसेंस बनवाने वाले करते हैं, इसलिए कोशिश की जाती है की बार-बार उसे सैनिटाइज किया जाए।

पहले आते थे 700 लोग

उन्‍होंने यह भी कहा कि जिस तरह से लगातार यहां लोगों की संख्या ज्यादा रहती है, उसे हर बार सैनिटाइज किया जाना असंभव है। आने वाले कुछ लोग भी इसे गंभीरता से भी नहीं लेते है। इस वजह से यहां सभी कर्मचारी सैनिटाइजर और मास्‍क का इस्तेमाल कर रहे हैं। साथ ही लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से जगह-जगह बोर्ड और पोस्टर भी लगाए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक परमानेंट लाइसेंस बनवाने वालों का 350 का स्लॉट होता था। इसके अलावा लाइसेंस रिन्युअल कराने वालों का भी 350 का ही स्लॉट होता था। यानी कुल 700 लोग आते थे। अब इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया गया और यहां लोगों की ज्यादा भीड़ देखते हुए 210 परमानेंट लाइसेंस का स्लॉट और 210 रिन्युअल लाइसेंस का स्लॉट रखा गया है।