30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जिला अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर हुई बुजुर्ग की मौत के मामले में डीएम ने बैठाई जांच

अस्पताल के स्टाफ और चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप। जिलाधिकारी ने सिटी मजिस्ट्रेट काे पूरे मामले की जांच दी है।

2 min read
Google source verification
police.jpg

Police encounter

गाजियाबाद ( Ghazibad News in hindi ) जिला अस्पताल में 92 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के मामले में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। प्रशासन की ओर से मामले की जांच मजिस्ट्रेट को सौंपी गई है और स्वास्थ्य विभाग की ओर से उस प्राईवेट अस्पताल से जवाब मांगा गया है जिसने गंभीर हालत में बुजुर्ग काे जिला अस्पताल के लिए रेफर किया था।

यह भी पढ़ें: मेरठ में मकान पर कब्जे को लेकर किन्नरों के दो गुट आपस में भिड़े

गाजियाबाद के जिला अस्पताल के इमरजेंसी गेट के बाहर कोविड-19 शंकर में 92 वर्षीय बुजुर्ग की 2 दिन पहले मौत हो गई थी । बुजुर्गों के परिजनों का आरोप है कि वहां के स्टाफ और चिकित्सकों की लापरवाही के कारण बुजुर्ग की मौत हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सुबह 6:00 बजे तक बुजुर्ग गंभीर हालत में इमरजेंसी गेट के बाहर ही रहे। किसी ने उन्हें देखा तक भी नहीं। सुबह के वक्त चिकित्सक ने जब उन्हें देखा ताे मृत घोषित कर दिया गया । परिजनों ने बुजुर्ग की मौत के जिम्मेदार वहां के स्टाफ और चिकित्सकों को ठहराया है । इसकी शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी से की गई थी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी नरेंद्र कुमार गुप्ता ने विभागीय जांच के निर्देश दिए। उधर यह मामला जब मीडिया में आया तो जिला प्रशासन ने भी इस पूरे मामले की जांच सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी गई।

यह भी पढ़ें: सहारनपुर में रेल फाटक बंद होने से गर्भवती का सड़क किनारे हुआ प्रसव, प्रसव पीड़ा से तड़पती रही महिला नहीं खुले फाटक

उधर इस पूरे मामले में जिला अधिकारी का कहना है कि शुरुआती जांच में निजी अस्पतालों की लापरवाही उजागर हो रही है। सिटी मजिस्ट्रेट मामले की गहनता से जांच करेंगे। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से पुराना बस स्टैंड स्थित एक निजी नर्सिंग होम और कवि नगर स्थित निजी अस्पताल और अन्य निजी अस्पताल को नोटिस जारी किया गया है। बहरहाल इस पूरे मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होना तय है। इस मामले के बाद जिला अस्पताल का पूरा स्टाफ और चिकित्सक पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है।

Story Loader