
गाजियाबाद। कोरोना वायरस को मात देने के लिए स्वास्थ्यकर्मी और पुलिसकर्मी कोरोना वारियर्स के रूप में सामने आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इनका सम्मान करने की अपील कर रह हैं। आखिर ऐसा हो भी क्यों न। ये अपने परिवार, बच्चों को छोड़कर देश को इस महामारी से मुक्त दिलाने में जुटे हुए हैं। अपनी जान की परवाह किए बगैर डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ मरीजों की सेवा में लगे हुए हैं। ऐसे ही एक डॉक्टर हैं खतौली ब्लॉक के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ अवनीश कुमार सिंह।
खतौली ब्लॉक के प्रभारी चिकित्साधिकारी हैं डॉ अवनीश
गाजियाबाद के कविनगर निवासी डॉ अवनीश कुमार सिंह इस समय खतौली ब्लॉक के प्रभारी चिकित्साधिकारी के तौर पर कार्यरत हैं। कविगनर में स्थित घर में उनके माता—पिता, भैया, भाभी और भतीजी रहते हैं। डॉक्टर अवनीश कुमार सिंह की मां की तबीयत काफी समय से खराब है। उनको करीब दो साल से गंभीर बीमारी है। उनका नियमित रूप से दिल्ली के आईएलबीएस से इलाज चल रहा है। इसके लिए उनको नियमित अंतराल पर अस्पताल ले जाना पड़ता है। लॉकडाउन से पहले डॉ अवनीश ही गाजियाबाद आकर बड़े भाई अमित के साथ अपनी मां को अस्पताल ले जाते थे। लेकिन अब ऐसा संभव नहीं है।
हल्द्वानी में हुआ था पत्नी का एक्सीडेंट
वहीं, डॉ अवनीश की पत्नी डॉ रुचि हल्द्वानी के राजकीय मेडिकल कॉलेज से पीडियाट्रीशियन की पढ़ाई कर रही हैं। कुछ माह पहले डॉ रुचि का हल्द्वानी में एक्सीडेंट हो गया था। हादसे में उनके पैर में मल्टीपल फ्रैक्चर हो गए थे। इस वजह से उनके पैर की अब तक कई बार सर्जरी हो चुकी है। उनको चलने—फिरने में काफी दिक्कत होती है। फिलहाल इस समय वह अपने मायके देहरादून में हैं। वहां पर उनका इलाज चल रहा है। डॉ रुचि के साथ ही उनका तीन साल का बेटा आदी भी रहता है। लॉकडाउन से पहले तक डॉक्टर अवनीश ही देहरादून के अस्पताल में दिखाने जाते हैं। पहले वह हर सप्ताह देहरादून जाते थे लेकिन अब इन परिस्थितियों में उनका वहां जाना भी मुमकिन नहीं है। इस समय वह 24 घंटे अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
पत्नी के पैर की हो चुकी हैं कई सर्जरी
डॉ अवनीश कुमार सिंह की मानें तो उनकी पत्नी के पैर में मल्टीपल फ्रैक्चर है। उसकी कई सर्जरी हो चुकी हैं। उसकी देखभाल के लिए उनको हर सप्ताह देहरादून जाना पड़ता था। साथ ही मम्मी को दिखाने के लिए बीच—बीच में दिल्ली ले जाना पड़ता है। अब ऐसे हालातों में उन्होंने अपने फर्ज को प्राथमिकता दी है। बेटे से मिलने का बहुत मन होता है लेकिन व्हाट्सऐप से वीडियो कॉल कर सबका हालचाल ले लेता हूं।
Updated on:
14 Apr 2020 03:57 pm
Published on:
14 Apr 2020 03:00 pm
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