
अगर अष्टमी में करते हैं हवन और कंजक पूजा तो सिर्फ इतने मिनट का है शुभ मुहूर्त
Navratri 2018: Ashtami, Durgashtami , hawan , Kanjak Puja Vidhi, Shubh Muhurat
गाजियाबाद। नवरात्रि में अष्टमी नवमी का विशेष महत्व रहता है। नवरात्र की अष्टमी को दुर्गा अष्टमी भी कहते हैं। कुछ लोग अष्टमी तो कुछ लोग नवमी को हवन और कंजक पूजन या कन्या पूजन करते हैं। लेकिन अगर अष्टमी के दिन हवन करना है और कंजक पूजन करना तो पहले जान लें शुभ मुहूर्त और कब तक है अष्टमी तिथि।
नवरात्र में कन्या पूजन kanya pujaका बहुत महत्व है। नौ दिन माता की पूजा करने ते बाद जब तक कंजक पूजा नहीं करें तब तक व्रत का फल नहीं मिलता। कन्या पूजन में कन्याओं को घर बुलाकर उनके चरण धूल कर उनका आदर किया जाता है। उसके बाद सामर्थ अनुसार तरह-तरह के भोजन कराए जाते हैं औऱ वस्त्र और कपड़े भी दिए जाते हैं। गाजियाबाद के दूधेश्वर नाथ मंदिर के पंडित जी ने अष्टमी के लिए हवन, कंजक पूजा करने के लिए बताए हैं।
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अष्टमी या दुर्गा अष्टमी तिथि और समय Ashtami, Durgashtami Tithi Date And time
इस बार नवरात्रि की अष्टमी 17 अक्टूबर को है लेकिन अष्टमी की तिथि का शुरूआत 16 अक्टूबर की सुबह 10:16 मिनट से प्रारंभ हो गई है। अष्टमी की तिथि 17 अक्टूबर 2018 की दोपहर 12:49 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। लेकिन पूजा और हवन 17 अक्टूबर को ही बताए जा रहे हैं।
अष्टमी में पूजा के लिए शुभ मुहूर्त Ashtami Puja Shubh Muhurat
17 तारीख को अष्टमी पूजन के दो मुहूर्त बताए जा रहे हैं , पहला सुबह 6 : 28 मिनट से 9 : 20 मिनट तक । दूसरा सुबह 10 : 46 मिनट से दोपहर 12 : 12 मिनट तक। आप इन दोनों में मुहूर्त में से किसी भी समय हवन और कंजक पूजन या कन्या पूजन कर लें।
Published on:
16 Oct 2018 10:09 am
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