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हापुड़ में गौकशी के आरोप में एक मुस्लिम की हत्या पर ओवैसी ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना

ओवैसी का बीजेपी पर वारः बोले, सरकार में असुरक्षित हैं दलित और मुस्लिम
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गाज़ियाबाद

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Iftekhar Ahmed

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Updated: 24 Jun 2018, 5:12 PM IST

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लखनऊ. अपने बेबाक बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले असदुद्दीन ओवैसी ने हापुड़ में कथित गौकशी के आरोप में एक मुस्लिम शख्स की हत्या और दूसरे मुस्लिम बुजुर्ग को अधमरा कर देने के मामले में योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। एआईएमआईएम चीफ ओवैसी ने बिना लागवपेट के बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब से भाजपा सरकार सत्ता में आई है, मुस्लिमों और दलितों की जिंदगी में सम्मान और प्रतिष्ठा नहीं रही। ओवैसी ने कहा कि भाजपा राज में मॉब लिंचिंग के मामले कई गुना बढ़ गए हैं। गौरतलब है कि हापुड़ 18 जून को कथित गौकशी के आरोप में कासिम नाम के एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई और उन्हें बचाने गए खेत में काम कर रहे एक बुजुर्ग समीउद्दीन को भी बेरहमी से पिटाई की गई। हालांकि, इस मामले को पुलिस ने रफा-दफा करने के लिए रोडरेज के मामले में एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन शनिवार को एक और विडियो सामने आने के बाद पुलिस की करतूत पूरी तरह बेपर्दा हो गई है। इस खौफनाक विडियो में साफ दिख रहा है कि घायल 65 वर्षीय समीउद्दीन के शरीर से लगातार खून बह रहा है और वह लोगों से उसे छोड़ देने की गुहार लगा रहा है, जबिक कुछ कायर उन्हें दाढ़ी नोच-नोचकर उसकी पिटाई कर रहे हैं।

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यह गढ़ी थी पुलिस ने कहानी

पुलिस ने इससे पहले कहा था कि कासिम (45) की मोटरसाइकिल सवार एक व्यक्ति से एक मामूली झगड़े के बाद पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस बात से इनकार किया था कि कासिम की हत्या और समीउद्दीन पर जानलेवां हमला गोहत्या की अफवाह को लेकर किया गया था। लेकिन, कासिम के छोटे भाई नदीम ने बताया कि वह पिलखुआ के बझैड़ा गांव के रहने वाले हैं। उनके बड़े भाई कासिम भैंस और बकरियों के व्यापारी थे। 18 जून को साढ़े 11 और 12 बजे के बीच किसी ने फोन कर कासिम को पशु खरीदने के लिए बुलाया था। करीब साढ़े तीन बजे उनके पास पुलिस का फोन आया कि कासिम हिरासत में हैं। सूचना मिलते ही वह थाने पहुंचे। कई घंटे बाद पुलिस ने बताया कि कासिम अस्पताल में हैं। जब वह अस्पताल पहुंचे तो कासिम की मौत हो चुकी थी। उनके शरीर पर बुरी तरह पीटने के निशान थे। नदीम ने बताया कि उनके भाई के साथ हुई घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। जिसमें साफ दिखाई दे है कि कासिम को कुछ लड़कों ने गौकशी के आरोप में जानवरों की तरह पीटा, जिससे उनकी मौत हो गई। वीडियो में किसी ने कासिम को पानी देने की बात कही, लेकिन आरोपी लड़कों ने कसाई बताते हुए पानी देने से इनकार कर दिया। वहीं, घटना के समय खेत में काम कर रहे समिउद्दीन (67) ने कासिम को बचाने की कोशिश की तो आरोपी लड़कों ने उन पर भी जानलेवा हमला कर दिया। आरोप है कि कासिम के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है। हालांकि, पुलिस ने समिउद्दीन के हवाले से एफआईआर दर्ज की है। वह भी रोडरेज की।

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दूसरा वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हुई बेनकाब

हापुड़ जिले में गौकशी के आरोप में पीट-पीट कर मारे गए कासिम के मामले को पुलिस रोडरेज की घटना बता रही है। लेकिन सोशल मीडिया पर शनिवार को जारी हुए एक वीडियो ने पुलिस की पूरी कारगुजारियों का पर्दाफाश कर दिया है। इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि युवकों की भीड़ एक बुजुर्ग शख्स के साथ खेत में मारपिटाई कर रहे हैं। बुजुर्ग का कुर्ता खून से सना हुआ है और उसके सिर से भी खून बह रहा है। यहां मौजूद कुछ कायर पहले उनसे नाम पूछता है। इसके जवाब में वह बोलते हैं, समीउद्दीन। इसके बाद कुछ लड़के गाली देते हुए उन्हें मारने के लिए खींचने लगते हैं। फिर दूसरा पूछता है, बता तेरे साथ और कौन-कौन थे। इसके जवाब में वह कासिम का नाम लेते हैं। इसके बाद चार बार गाली देते हुए उनसे पूछा जाता है कि और कौन था, उसका नाम भी बता। फिर उनमें से एक पूछता है कि बता यहां क्या कर रहा था। इसके जवाब में वह बोलते हैं कि एक गाय को घेर रहे थे। फिर उनसे पूछा जाता है कि किस लिए गाय घेर रहा था, काटने के लिए। इसके जवाब में वह इससे इंकार करते हैं तो वह वहां मौजूद युवक उन पर थप्पड़ जड़ देता है और चारों तरफ से गालियों की बौछार शुरू हो जाती है। इसी दौरान एक युवक उनकी दाढ़ी पकड़कर खींचने लगता है। फिर उनसे जबरदस्ती कहलवाया जाता है कि गाय को हत्या के लिए घेर रहे थे।

पुलिस के रवैये पर सवाल
बता दें कि इस मामले में यूपी पुलिस की संवेदहीनता भी सामने आई थी। पुलिसकर्मियों के सामने अधमरे शख्स कासिम को भीड़ घसीटते हुए ले जा रही थी और पुलिस वाले तमाशबीन बने हुए थे। हालांकि, बाद में वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस को थोड़ा शर्म आई तो बाद में यूपी पुलिस ने माफी मांगते हुए मौके पर मौजूद तीनों पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर मामले में जांच के आदेश जारी कर दिए। फिलहाल, मामले की जांच जारी है। पुलिस ने कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी भी की है।