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गाजियाबाद: आरटीआई का दावा सड़क निर्माण में करोड़ों का हुआ गोलमाल

आरटीआई के जरिए खुलासा हुआ है कि सड़क निर्माण पर 31 करोड़ से अधिक के काम होने थे लेकिन डिवाईडर और सड़क चौड़ीकरण का काम हुआ ही नहीं।

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ghaziabad nagar nigam

वैभव शर्मा, गाजियाबाद। हॉटसिटी गाजियाबाद की डेवलपमेंट ऑथोरिटी के नगर निगम से जुड़ा एक और मामला प्रकाश में आया है। बता दें कि इससे पहले सड़क निर्माण के मामले में कुछ और घोटाले सामने आए थे। जिनमें करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई थी। अब आरटीआई के जरिए खुलासा हुआ है कि सड़क निर्माण पर 31 करोड़ से अधिक के काम होने थे। लेकिन डिवाईडर और सड़क चौड़ीकरण का काम हुआ ही नहीं।

19 करोड़ का हो चुका है पेमेंट

समाजसेवी का दावा है कि इस मामले में अधिकारी और मेयर भी सीधे तौर पर कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है। अधूरा और तय काम पूरे हुए बिना ही 19 करोड़ रुपये का पेमेंट जारी भी किया जा चुका है। तीन किस्तों में छह करोड़ 25 लाख रुपया रिलीज किया गया है। तीन पेमेंट की डिटेल आ चुकी है जबकि अन्य की आनी बाकि है।

हाईकोर्ट में दाखिल हुआ अवमानता का केस

समाजसेवी वेदप्रकाश अग्रवाल के मुताबिक इस मामले में वो हाईकोर्ट भी जा चुके हैं। हाईकोर्ट की तरफ से नगर निगम को सभी तय कामों को तीन महीने के भीतर कराने के आदेश दिए गए हैं। लेकिन वो भी अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इसके लिए अदालत में निगम की तरफ से अवमानता का मामला भी दाखिल किया गया है।

निवर्तमान मेयर आशु वर्मा का कहना है कि टेंडरो के मामले में एक टीम गठित करके जांच कराई जाएगी। इसके बाद में अगर खामियां या लापरवाही बरती गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी और इसके संबंध में नगर विकास मंत्रालय को भी अवगत कराया जाएगा।

इन सड़कों के निर्माण में हुआ घोटाला

- पहला मामला शास्त्रीनगर गैंस एजेंसी के पास का है। जहां से डायमंड फ्लाईओवर तक सड़क निर्माण का टेंडर जारी हुआ। तीन करोड़ के टेंडर में सड़क चौड़ीकरण, डिवाईडर और इंटर लॉकिंग टाइल्स का काम होना था। लेकिन काम के नाम पर पुरानी टाइल्स लगा दी गई।

- दूसरा मामला संजयनगर फ्लाईओवर से लेकर हापुड चुग्गी तक का है। यहां एक भी गड्ढा नहीं है। बावजूद इसके पैचवर्क के नाम पर 56 लाख का टेंडर जारी किया गया।

- तीसरा मामला नवयुग मार्केट की आतंरिक सड़कों के निर्माण का है, जिस पर चार करोड़ 86 लाख रुपये का काम होना था।

- चौथा मामला नेहरूनगर थर्ड स्थित राकेश मार्ग के सुधार का मामला है, जिस पर चार करोड़ खर्च हुए।

- पांचवा मामला वसुंधरा के सड़कों की निर्माण का है, इस पर चार करोड़ 69 लाख खर्च।

- छठा मामला वैशाली के ब्रजविहार की सड़के के निर्माण का जिस पर चार करोड़ 67 लाख की लागत आई।

- सातवां मामला अम्बेडकर रोड से संतोष हॉस्पिटल तक का है जिस पर चार करोड़ 85 लाख से काम कराया गया।


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