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Ghaziabad: धरना दे रही मां पर SDM के चिल्लाने का वीडियो हुआ था वायरल, अब DM ने दी सफाई

वायरल वीडियो में मोदीनगर की एसडीएम शुभांगी शुक्ला धरने पर बैठे लोगों को उठाने के लिए पहुंची। लेकिन धरने पर बैठे लोगों और शुभांगी शुक्ला के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। शुभांगी शुक्ला वहां धरने पर बैठी महिलाओं को धमकाती हुई नजर आयीं। पूरी घटना का वहां मौजूद किसी ने वीडियो बना लिया।

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गाजियाबाद में मोदीनगर की एसडीएम शुभांगी शुक्ला का धरने पर बैठी महिला पर चिल्लाने की वीडियो वायरल होने के बाद अब डीएम राकेश सिंह ने सफाई दी है। उन्होंने एसडीएम का बचाव करते हुए कहा है कि एसडीएम जिसको डांटते हुए नजर आ रही हैं, वो बच्चे की मां नहीं है। बता दें कि इस घटना के वीडियो को यूपी के पूर्व सीएम और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पर साझा किया था।

डीएम ने दी सफाई

डीएम ने आगे कहा, “वीडियो को कट पेस्ट करके नहीं देखना चाहिए। पूरा देखना चाहिए हजारों लोग जाम से परेशान थे, एसडीएम के प्रयास को संपूर्णता के साथ देखना होगा। एसडीएम ने काफी देर तक समझाया। जो महिलाएं और बाहरी लोग परिवारी जनों को भड़का रहे थे उनको डांटा था। बच्चे की मां के साथ पूरी सहानुभूति थी, और है, हमेशा रहेगी।”

क्या था वीडियो में

दरअसल, वीडियो में मोदीनगर की एसडीएम शुभांगी शुक्ला शुक्रवार को धरने पर बैठे लोगों को उठाने के लिए पहुंची थी। इसमें अनुराग की मां नेहा भारद्वाज, उनके पति और परिवार के अन्य लोग भी मौजूद हैं। यहां एसडीएम की धरनातल लोगों और एसडीएम के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। वीडियो में दावा किया गया कि शुभांगी शुक्ला धरना दे रही अनुराग की मां पर चिल्ला रही हैं। वीडियो देख लोगों ने शुभांगी शुक्ला को सोशल मीडिया पर घेर लिया। हालांकि, इस मामले पर डीएम गाजियाबाद राकेश सिंह का कहना है कि एसडीएम जिसको डांटते हुए नजर आ रही हैं, वो बच्चे की मां नहीं है।

अभिभावकों में है रोष

गौरतलब है कि गाजियाबाद के मोदीनगर इलाके में एक स्कूल की बस में हुई कक्षा 4 के छात्र की मौत के बाद मृतक बच्चे के परिजनों के अलावा पूरे इलाके के स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों में भी भारी रोष है। जैसे ही स्कूल में पढ़ने वाले अन्य बच्चों के अभिभावकों को भी इसकी जानकारी मिली तो बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे। इसकी गूंज लखनऊ तक भी जा पहुंची। इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री के द्वारा मांगी गई रिपोर्ट के बाद गाजियाबाद संभागीय परिवहन विभाग के दो एआरटीओ और एक आर आई को भी निलंबित किया गया।