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साहब! बूढ़ा हो चुका हूं…चोरी के समय सामान की कीमत बहुत कम थी, 75 साल के बुजुर्ग को 12 दिन की सजा

"साहब! बूढ़ा हो चुका हूं…चोरी के समय माल की कीमत बहुत कम थी।" कोर्ट में दोषी साबित होने के बाद 75 साल के बुजुर्ग ने यह बात गिड़गिड़ाते हुए कही। मामले में कोर्ट ने 12 दिन की सजा सुनाई है। साथ ही जुर्माना भी लगाया है।

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कोर्ट फैसला (फोटो पत्रिका नेटवर्क)

गाजियाबाद के अनूपशहर में 2006 में गन्ना क्रय केंद्र से लोहे के बाट चोरी करने वाले 75 वर्षीय व्यक्ति को करीब 19 साल बाद दोषी ठहराया गया है। अनूपशहर के सिविल जज जूनियर डिवीजन मयंक कुमार के न्यायालय ने राजेंद्र सिंह को दोषी करार दिया।

19 साल पुराना मामला

दरअसल, यह मामला 5 जनवरी 2006 का है, जब पोटा बादशाहपुर स्थित गन्ना क्रय केंद्र के चौकीदार मुनेश कुमार ने अहार थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि 4 जनवरी की रात राजेंद्र सिंह और दो अन्य लोग 50-50 किलो के चार बाट चोरी कर ले गए।

कोर्ट ने पाया दोषी

पुलिस ने राजेंद्र सिंह को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और 20 दिनों के भीतर आरोप पत्र भी दाखिल कर दिया था। लगभग दो दशक बाद, न्यायालय ने गवाहों के बयानों और सबूतों के आधार पर राजेंद्र सिंह को दोषी पाया।

बूढ़े चोर की गुहार और मिली सजा

सुनवाई के दौरान, 75 वर्षीय राजेंद्र सिंह ने अदालत से गुहार लगाई कि वह अब बूढ़ा हो चुका है और चोरी किए गए सामान की कीमत भी बहुत कम थी। न्यायालय ने उनकी बात सुनी और उन्हें जेल में बिताई गई 12 दिन की अवधि की सजा और दो हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया।


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