4 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

UP में बढ़ रहा लंपी वायरस का कहर, अब इस जिले की गायों में मिले खतरनाक लक्षण

गाजियाबाद में 5 गायों में लंपी बीमारी के लक्षण पाए जाने के बाद से जिले के पशुपालन विभाग के अधिकारी अलर्ट मोड पर आ गए हैं। इसके साथ ही 4 रैपिड रिस्पांस टीम का गठन भी किया गया है।

2 min read
Google source verification
symptoms_of_lumpy_virus_found_in_5_cows_in_ghaziabad.jpg

उत्तर प्रदेश में खतरनाक लंपी वायरस ने दस्तक दे दी है। अलीगढ़ के बाद अब गाजियाबाद में 5 गायों में लंपी बीमारी के लक्षण पाए जाने के बाद से जिले के पशुपालन विभाग के अधिकारी अलर्ट मोड पर आ गए हैं। इसके साथ ही 4 रैपिड रिस्पांस टीम का गठन भी किया गया है। इन टीमों के सदस्यों का कार्य सर्विलांस के साथ ही लक्षण वाले पशुओं के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाना रहेगा। गौरतलब है कि गाजियाबाद से पहले राजस्थान, हरियाणा सहित कई प्रदेशों में पशुओं के अंदर लंपी स्किन डिजीज के लक्षण मिल चुके हैं।

यह भी पढ़े - Good News: बरेली से लखनऊ के लिए सीधी फ्लाइट आज से शुरू, जानें किराया

लंपी का ज्यादा खतरा गोवंशीय पशुओं में

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2019 में हुई 19वीं पशु जनगणना के आधार पर जिले में 200 गोवंश पशु और 2,01,300 महिशवंशिय पशु मौजूद हैं। लंपी बीमारी के लक्षण पाए जाने का ज्यादा खतरा गोवंशीय पशुओं में है। वहीं जिले के राजापुर ब्लॉक में लंपी बीमारी के लक्षण 5 गायों में पाए गए हैं। इन सभी गायों के सैंपल ले लिए गए हैं, जिन्हें मंगलावार को भोपाल स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा संचालित निषाद लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा।

उपचार के लिए 20,000 टीके की मांग

उधर, पशुपालन विभाग की तरफ से पशुओं के उपचार के लिए 20,000 टीके की मांग भी शासन से की गई है। फिलहाल एंटीबायोटिक दवाओं से पशुओं का उपचार किया जा रहा है। जिले में सभी संचालित गोशालाओं में भी पशुओं के वायरस से बचने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। वहीं पशुपालन विभाग की तरफ से गोशाला में पशुओं की देखरेख के लिए सभी कर्मचारियों को जागरूक किया गया है।

यह भी पढ़े - नशेड़ी नई नवेली दुल्हन ने दांतों से काटकर पति को किया घायल, डरे पति ने थाने पहुंचकर तहरीर दी

लंपी वायरस के ये होते हैं लक्षण

इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेश कुमार का कहना है।कि वायरस की चपेट में आए पशु के शरीर पर गांठे पड़ जाती हैं। तेज बुखार आता है। पशु चारा खाना बंद कर देता है। पशुओं की देखभाल यदि ठीक तरह से की जाए तो वह एक सप्ताह में ठीक भी हो जाता है और यदि हल्की सी भी लापरवाही हो जाए तो पशु की जान को खतरा भी हो सकता है। उन्होंने बताया कि पशुओं ने एलएसडी के लक्षण मिलने पर पशुपालक इसकी जानकारी तत्काल प्रभाव से नजदीकी पशु चिकित्सालय में दें और प्रभावित पशु को स्वस्थ पशु से अलग रखें और समय रहते ही उसका उपचार कराएं।


बड़ी खबरें

View All

गाज़ियाबाद

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग