
गाजियाबाद. आजकल टिक-टॉक (TikTok) का नशा युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है। युवा इस कदर टिक-टाॅक वीडियो बनाने के आदि हो चुके हैं कि वह परिजनों की भी सुनने को तैयार नहीं है। ताजा मामला मोदीनगर थाना क्षेत्र के निवाड़ी का है। जहां एक किशोरी का टिक-टाॅक वीडियो बनाने को लेकर परिजनों से ही विवाद हो गया। इसके बाद अचानक किशोरी घर से गायब हो गई। परिजनों के काफी प्रयास के बाद भी जब वह नहीं मिली तो उन्होंने अपहरण का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी। किशोरी के अपहरण की जानकारी मिलते ही पुलिस तुरंत एक्शन में आई। इसके बाद पुलिस ने सर्विलांस की मदद से युवती को उसकी सहेली के घर से बरामद किया।
इस पूरे मामले में जानकारी देते हुए निवाड़ी थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया की निवाड़ी क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार ने 28 नवंबर को किशोरी के अपहरण की सूचना दी थी। इसके बाद तत्काल प्रभाव से मामला दर्ज करते हुए किशोरी की तलाश की गई और सर्विलांस के माध्यम से लड़की को 29 नवंबर को सुशांत सिटी में रहने वाली उसकी सहेली के घर से सकुशल बरामद कर लिया गया।
उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान लड़की ने बताया कि उसका किसी ने अपहरण नहीं किया था, बल्कि उसका अपने परिजनों से टिक-टॉक वीडियो बनाने को लेकर झगड़ा हुआ था। किशोरी ने बताया कि परिजन उसके टिक-टाॅक वीडियो बनाने पर आपत्ति करते हैं। इसलिए वह खुद ही घर छोड़कर आई थी। बहरहाल पुलिस ने लड़की को समझा-बुझाकर उसके परिजनों को सौंप दिया है।
Published on:
30 Nov 2019 12:58 pm
बड़ी खबरें
View Allगाज़ियाबाद
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
