
प्रतीकात्मक तस्वीर।
पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले नेटवर्क के खिलाफ जांच एजेंसियों को रविवार को एक बड़ी कामयाबी मिली है। बिहार के रहने वाले नौशाद की गिरफ्तारी के बाद यह साफ हो गया है कि वह इस पूरे गिरोह का एक बेहद अहम और खतरनाक मोहरा था। नौशाद की भूमिका ठीक वैसी ही पाई गई है जैसी पिछले दिनों पकड़े गए सुहेल मलिक की थी। वह महज एक मोहरा नहीं, बल्कि इस जासूसी गिरोह का मुख्य हैंडलर बनकर काम कर रहा था।
जांच में यह बात सामने आई है कि नौशाद सीधे तौर पर पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर सरफराज के संपर्क में था। सरफराज सीमा पार से उसे निर्देश देता था और नौशाद उन आदेशों को जमीन पर उतारने का काम करता था। नौशाद का काम सिर्फ सूचनाएं जुटाना नहीं था, बल्कि वह अपने साथियों के एक पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था ताकि भारतीय सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाई जा सके।
पूछताछ में सामने आया है कि नौशाद को झारखंड के देवघर स्थित प्रसिद्ध मंदिर का वीडियो और जीपीएस लोकेशन जुटाने का टास्क दिया गया था। इसके अलावा उसे दिल्ली कैंट इलाके में घुसकर वहां की गतिविधियों की रेकी करने और वीडियो भेजने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। इतना ही नहीं, आरोपी ने एक बड़े उद्योगपति के घर की रेकी करने की बात भी कबूल की है। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से पाकिस्तान संचालित गैंग से जुड़े थे। नौशाद अली पहले भी सुरक्षा बलों के ठिकानों, रेलवे स्टेशनों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी कर चुका है। वह अपने साथियों से वीडियो, फोटो और लोकेशन मंगवाकर विशेष ऐप के जरिए पाकिस्तान भेजता था। बताया गया है कि जासूसी के लिए एक ऐप डाउनलोड कराया गया था और इसके संचालन की ट्रेनिंग खुद पाकिस्तानी हैंडलर सरफराज ने दी थी।
पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि सुहेल मलिक, नौशाद अली और समीर तीनों मिलकर गैंग को संचालित कर रहे थे। यह सभी सरफराज से ट्रेनिंग लेकर सक्रिय थे और देश के संवेदनशील स्थानों की जानकारी जुटा रहे थे। मीरा दिल्ली-एनसीआर के अपराधियों को हथियार सप्लाई करती थी। सूत्रों के अनुसार आगरा में मीरा का मायका है और मथुरा में उसकी ससुराल है। बताया गया कि करीब ढाई साल से वह पति से अलग रह रही थी। वर्तमान में वह सीमा पार से मिलने वाले निर्देशों पर काम कर रही थी और अन्य महिलाओं को भी नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश कर रही थी। आशंका है कि पाकिस्तानी हैंडलर मीरा के जरिए गैंग के सदस्यों तक हथियार पहुंचाने की योजना बना रहा था।
Updated on:
23 Mar 2026 09:29 am
Published on:
23 Mar 2026 09:29 am
