
गाजियाबाद। जिले में तेजी से बढ़ती जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए गाजियाबाद में अंतरा और छाया कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत महिलाओं को सुरक्षित और सुलभ गर्भ निरोधक मुहैया करवाए जाएंगे। जिला महिला अस्पताल में एडिशनल डायरेक्टर हेल्थ मंजू वैश्य शर्मा ने इस कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान तीन महिलाओं को गर्भनिरोधक अंतरा इंजेक्शन और 12 से ज्यादा महिलाओं को छाया गोली दी गई। एडी मंजू वैश्य शर्मा ने बताया कि इंजेक्शन का प्रभाव तीन महीने और गोली का प्रभाव एक सप्ताह तक रहता है। शुरुआत में जिला महिला अस्पताल को दो सौ इंजेक्शन और पांच सौ छाया टेबलेट उपलब्ध करवाई गई हैं। वीरवार को जिला महिला अस्पताल की ओपीडी में इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. दीपा त्यागी ने बताया कि अंतरा इंजेक्शन और छाया गोली आधुनिक गर्भ निरोधक हैं। इससे पहले जो गोलियां दी जाती थीं, उन्हें लगातार खाना पड़ता था। जबकि छाया टेबलेट का प्रभाव एक सप्ताह तक रहता है। इसी तरह अंतरा इंजेक्शन तीन महीने में एक बार ही लगवाना होता है। इसका प्रभाव तीन महीनों तक रहता है। यदि कोई महिला तीन महीने बाद गर्भ धारण करना चाहती है तो उसे इसकी दूसरी खुराक लेने की जरूरत नहीं है। डॉ. त्यागी ने बताया कि इन दवाओं का किसी तरह का साइड इफेक्ट नहीं है। अंतरा इंजेक्शन और छाया टेबलेट पूरी तरह से सुरक्षित गर्भ निरोधक हैं। यह दोनों गर्भ निरोधक दंपतियों की बदलती जरूरतों को पूरा करने में मदद करेंगे, जिससे महिलाओं को उनकी गर्भधारण योजना में मद्द मिलेगी। महिला अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ नर्सों को इसका प्रशिक्षण दिया गया है।
इन बातों पर दें ध्यान
गर्भनिरोधक इंजेक्शन स्तनपान के लिए दूध को प्रभावित नहीं करता, गर्भनिरोधक इंजेक्शन भविष्य में गर्भधारण की क्षमता को प्रभावित नहीं करता, कुछ महिलाओं को अंतिम इंजेक्शन लगवाने के बाद गर्भधारण में सात से दस माह का समय लग सकता है। माहवारी में कुछ बदलाव हो सकते हैं, जो नुकसानदायक नहीं हैं। अगर महावारी के सात दिन बाद इंजेक्शन लगवाया हो तो कंडोम का प्रयोग करें।
Published on:
16 Feb 2018 11:27 am
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