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पत्रिका अभियानः भाजपा के दो पूर्व पार्षदों ने पार्क की जमीन पर तान दी कोठी, अब चलेगा हथौड़ा

RTI से खुला राज तो प्राधिकरण ने भेजा नोटिस, जवाब नहीं मिलने पर किया जाएगा ध्वस्त
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गाज़ियाबाद

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Iftekhar Ahmed

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Updated: 18 Jan 2018, 4:07 PM IST

makan

गाजिय़ाबाद. महानगर में भूमाफियाओं की और से पार्को की जमीन पर मकान बनाने का खुलासा होने के बाद प्राधिकरण ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। मामले में आरटीआई डाले जाने के बाद मानचित्र के जरिए स्पष्ट हुआ है कि मकान पार्क की जमीन पर बने हुए हैं। मंडलायुक्त से शिकायत किए जाने के बाद प्राधिकरण के अफसरों की नींद खुल गई है। अब इस मामले में प्राधिकरण की तरफ से एक्शन लेते हुए नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों का दावा है कि अगर पुख्ता कागजात नहीं दिखाए तो मकान को गिरा दिया जाएगा।

पसौंडा के खसरा नम्बर 1560,1563, 1624 पर लक्ष्मी लैंड एंड फाइनेंस की तऱफ से 20 जून 1990 को मानचित्र परमिट संख्या 305/टीएचए /88 पर ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट पास कराया गया था। जीडीए द्वारा स्वीकृत मानचित्र में ग्रुप हाउसिंग कंपनी के मालिकों ने आठ पार्क छोड़े थे। ले यहां के भूमाफियाओं ने एक बेशकीमती जमीन पर कब्जा जमा लिया। एक हजार गज के करीब पार्क पर बीजेपी के दो पूर्व पार्षदों राजकुमारी और विजय गौतम ने आलीशान मकान बना दिए।

आरटीआई एक्टिविस्ट राजीव शर्मा ने बताया कि प्राधिकरण की तरफ से यहां पर आठ पार्क छोड़े गए थे। भूखंड संख्या एन 85 से लेकर एन 90 के सामने अवैध रूप से पार्क पर कब्जा किया हुआ है। मंडलायुक्त के आदेश पर जांच में खामियां सामने आई। अधिकारियों की तऱफ से कारवाई किए जाने की बात कही गई है। लेकिन, मामले में दोबारा से शिकायत रिमांइड कराने के बाद अब इस पर एक्शन लिया गया है।

प्राधिकरण के प्रवर्तन जोन अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि 100 गज जगह में मकानों का निर्माण कराया गया है। निरीक्षण के समय स्वीकृत मानचित्र नहीं दिखाया गया। इसलिए नोटिस जारी करके 23 जनवरी तक दफ्तर में आकर कारण बताने के लिए कहा गया है। वरना मकानों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। अब देखना ये होगा कि भाजपा राज में अधिकारी इन दोनों भाजपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर मिसाल कायम करते हैं या लीपापोती कर मामले को रफा-दफा करते हैं।