
गाजियाबाद। यहां एक महिला की अर्जी पर परिवार न्यायालय ने उसके पति को कमरे में एसी लगवाने का निर्देश दिया है। इसके लिए महिला ने कोर्ट में अर्जी दी थी। साथ ही महिला के पति को दस हजार रुपये हर माह खर्च के रूप में देने का भी आदेश दिया गया है। मामला गाजियाबाद का है, जहां पति से परेशान होकर पत्नी कोर्ट पहुंच गई थी। इसकी सुनवाई पर अदालत ने यह फैसला सुनाया।
दिल्ली की रहने वाली है महिला
जानकारी के अनुसार, महिला दिल्ली के मानसी विहार की रहने वाली है। उसकी शादी पांच वर्ष पहले एक निजी बैंक के मैनेजर पद पर कार्यरत युवक से हुई थी। बताया जा रहा है कि पांच साल बाद में उनके कोई संतान नहीं हुई तो परिवार में विवाद रहने लगा। इसके लेकर ससुराल पक्ष के लोग उसे ताना भी देते हैं।
नौकर के कमरे में रखने का आरोप
आरोप है कि महिला को परेशान करने के लिए उसे नौकर के कमरे में रखा जाता है। महिला ने आरोप लगाया कि जिस कमरे में वह रहती है, उसकी बिजली व पानी भी बंद कर दिया गया। उसका कहना है कि वह अपने पति के साथ रहना चाहती है लेकिन वह उसके साथ नहीं रहना चाहता। पति ने डायवोर्स के लिए कोर्ट में अर्जी लगा दी, जिस पर महिला ने भी अदालत में भरण पोषण की अर्जी लगा दी थी। इसमें उसने कमरे में एसी लगवाने और 10 हजार रुपये गुजारा भत्ता देने की पफरियाद लगाई।
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पति ने डायवोर्स के लिए लगाई है अप्लीकेशन
इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उसके पति को तलब किया। उसके पति ने कोर्ट में बताया कि महिला उसके परिजनों की बात नहीं सुनती है इसलिए उसने डायवोर्स की अप्लीकेशन लगा रखी है। बाद में कोर्ट ने महिला के पति को एसी लगवाने और 10 हजार रुपये हर महीने देने का आदेश दिया। कोर्ट के अनुसार, ये रुपये महिला को हर माह 10 तारीख को मिल जाने चाहिए। इसके अलावा कोर्ट ने महिला कांस्टेबल को हर सप्ताह महिला के घर जाकर हालचाल लेने का भी आदेश दिया।
Published on:
25 Apr 2018 01:02 pm

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