
गाजियाबाद. दो दिन पहले इंदिरापुरम इलाके में हुए दोहरे हत्याकांड पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद सवालिया निशान उठने लगे हैं। दरअसल, पीएम रिपोर्ट में आया कि दोनों मरने वालों को चार-चार गोलियां मारी गई थी। वहीं, इस केस में पुलिस का रुख भी चौंकाने वाला है। इस मामले में पुलिस अभी तक किसी आरोपी को गिरफ्तार तो नहीं कर पाई है। लेकिन, आरोपियों के प्रति अभी से ही मेहरबान नजर आ रही है। बिना आरोपियों को पकड़े और उनका मेडिकल कराए ही पुलिस इस नतीजे पर पहुंच गई है कि हत्यारे ने शराब के नशे में हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। हालांकि, जिस तरीके से हत्या की गई है, उससे ऐसा लगता है कि दोहरा हत्याकांड प्लानिंग के तहत अंजाम दिया गया था। ऐसे में कानून के जानकारों का मानना है कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ केस हलका करने के लिए इस तरह का केस बना रही है, क्योंकि खराब के नशे में अपारध होने पर अपराधी का कोर्ट में इसका लाभ मिलता है।
इस मामले में जब वकील खालिद खान से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अगर कोई अपराधिक वारदात नशे में अंजाम दी जाती है, तो अदालत में उसका फायदा आरोपी को मिलता है। ऐसे में पुलिस की ओर से बिना जांच के ही आरोपी के नशे में होने की बात कहने की कोई जरूरत नहीं है।
वहीं, गाजियाबाद के एसपी सिटी मनीष मिश्रा भी बिना जांच के ही कह रहे हैं कि वारदात को नशे में अंजाम दिया गया था। तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इसके साथ ही आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित कर उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
Published on:
02 Dec 2019 07:00 pm
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