
यति नरसिंहानंद गिरी ने दिया विवादित बयान, PC- Video Grab
गाजियाबाद: दिल्ली के लाल किले के पास हुए ब्लास्ट को लेकर जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने विवादित बयान दिया है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित डासना के शिवशक्ति धाम के प्रमुख महंत ने एक वीडियो जारी कर कहा कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू), जामिया मिलिया इस्लामिया और दारुल उलूम देवबंद जैसे संस्थानों को सेना की तोपों से नेस्तनाबूद कर देना चाहिए। यह बयान तब आया है जब राष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA ब्लास्ट से जुड़े संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी चला रही है।
जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने एक वीडियो जारी कर कहा कि, 'अल-फलाह नामक एक तथाकथित यूनिवर्सिटी है, ये जो ब्लास्ट से जुड़े डॉक्टर वगैरह पकड़े गए हैं। वह इसी यूनिवर्सिटी में काम कर रहे थे। इन यूनिवर्सिटी में आतंकियों की मौत पर शोक मनाया जाता है। ये जो आतंकियों के अड्डे हैं, अल-फलाह यूनिवर्सिटी, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू), जामिया मिलिया इस्लामिया और दारुल उलूम देवबंद जैसे इन्हें सेना को भेजकर तोप लगाकर नष्ट कर देना चाहिए।'
उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे राजनीतिक और सामाजिक बहस छिड़ गई है। आलोचकों का मानना है कि यह बयान धार्मिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा दे सकता है, जबकि समर्थक इसे 'कट्टर कार्रवाई' की मांग बता रहे हैं।
10 नवंबर को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास एक संदिग्ध कार में जोरदार धमाका हुआ था। इस हादसे में कम से कम 12 लोगों की जान चली गई, जबकि 20 से अधिक घायल हो गए। प्रारंभिक जांच में इसे आतंकी साजिश का रूप दिया गया है और सरकार ने जांच को एनआईए को सौंप दिया है। पूरे देश में इस घटना से आक्रोश फैल गया है। साधु-संत समुदाय और हिंदू संगठनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग की है।
दिल्ली ब्लास्ट के बाद सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी गई है। उत्तर प्रदेश के आगरा, लखनऊ, वाराणसी, सहारनपुर, मेरठ और अयोध्या जैसे शहरों में हाई अलर्ट जारी है। खुफिया एजेंसियां संदिग्ध वाहनों की सघन जांच कर रही हैं, जबकि एनआईए की टीमें कश्मीर और हरियाणा के फरीदाबाद मॉड्यूल पर फोकस कर रही हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट संदेश दिया कि अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। जांच में अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम सामने आया है, जहां से गिरफ्तार संदिग्ध डॉक्टर जुड़े बताए जा रहे हैं, हालांकि संस्थान ने इससे इनकार किया है।
Updated on:
13 Nov 2025, 12:47 PM IST
Published on:
12 Nov 2025, 9:40 PM IST
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