
उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव खत्म होने के बाद जल्द ही प्रदेश में फिर से चुनाव होने वाला है। अफजाल अंसारी को 4 साल की सजा होने के बाद उनकी लोकसभा सदस्यता चली गई और तभी से यह सीट खाली है। जनप्रतिनिधित्व कानून 1951 के मुताबिक इस सीट पर 6 महीने के भीतर चुनाव कराना होगा, जिससे जिले के विकास का काम न रुके।
अफजाल अंसारी को हुई थी 4 साल की जेल
बहुजन समाज पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी को गाजीपुर की MP/MLA कोर्ट ने गैंगस्टर केस में 29 अप्रैल को चार साल की सजा सुनाया था। इसके बाद लोकसभा ने पीपुल्स ऑफ रिप्रजेंटेशन एक्ट 1951 के तहत उनकी सदस्यता को रद्द कर दिया गया था। नियम के मुताबिक अगर किसी जनप्रतिनिधि, विधायक या सांसद को दो साल या उससे अधिक की सजा हो जाती हैं तो उनकी सदस्यता को कैंसिल कर दिया जाता है।
चुनाव आयोग ने दिए EVM मशीनों के जांच के निर्देश
गाजीपुर अपर जिला मैजिस्ट्रेट अरुण कुमार सिंह ने मीडिया को बताया कि जिला प्रशासन को 16 मई को चुनाव आयोग के निर्देश पर ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की जांच के निर्देश मिले हैं। सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल को पत्र भेज कर आयोग की ओर से भेजे गए निर्देशों से अवगत कराया गया है।
चुनाव को लेकर ईवीएम और वीवीपैट की एफएलसी (फर्स्ट लेवल चेकिंग) का कार्य क्षेत्रीय ग्राम विकास संस्थान में किया जाना है। यह चेकिंग 16 मई को सुबह 9:00 बजे से शुरू होकर रात 7 बजे तक किया जाएगा। इसके लिए आयोग के दिशा निर्देश पर 50 विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम जनपद आएगी। इसके साथ ही उपचुनाव की तारीखों के जल्द ही ऐलान को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
2019 और 2022 में हारी भाजपा
2019 के लोकसभा चुनाव में प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का गठबंधन होने के कारण भाजपा भारतीय जनता पार्टी यह सीट हार गई थी। यहां से बसपा के टिकट पर अफजाल अंसारी ने तब के रेल राज्यमंत्री और अभी जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को हराया था।
इसके बाद 2022 में प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा की पूरी ताकत लगाने के बाद भी पार्टी यहां की सातों विधानसभा सीटों पर हार गई थी। विधानसभा चुनाव में यहां से सपा को 5 और सुभासपा को 2 सीटें मिली थी।
दो महीनें में गई दो सांसदों की सांसदी
देश में यूं तो कई सांसदों की सांसदी गई है। लेकिन देश में दो महीने के भीतर दो सांसदों की कुर्सी चली गई। 23 मार्च को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सूरत कोर्ट से दो साल की सजा होने के बाद उनकी लोकसभा सदस्यता चली गई। वहीं, अफजाल अंसारी को 29 अप्रैल को गाजीपुर की MP/MLA कोर्ट से सजा होने के बाद उनकी लोकसभा सदस्यता चली गई।
Published on:
16 May 2023 05:34 pm
