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‘हुजूर मेरी उम्र 60 साल से अधिक है, हार्ट अटैक- ब्लड प्रेशरजैसी बीमारियों से ग्रसित हूं’, जब कोर्ट में गिड़गिड़ाने लगा माफिया मुख्तार

गाजीपुर की एमपी- एमएलए कोर्ट में दोषसिद्ध होने से पहले माफिया मुख्तार अंसारी सजा कम करने के लिए जज से गिड़गिड़ाने लगा। वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए माफिया ने कहा कि हृदय रोग, ब्लड प्रेशर, शुगर जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रसित हूं। दो बार हार्ट अटैक आ चुका है, इसलिए उसे कम से कम सजा दी जाए।

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Mafia Mukhtar Ansari argued suffering from diseases like heart attack and blood pressure in court

27 अक्टूबर को माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को गैंगस्टर मामले में 10 साल की सजा सुनाई गई है।

माफिया मुख्तार अंसारी को गाजीपुर की एमपी- एमएलए कोर्ट ने शुक्रवार को गैंगस्टर एक्ट के मामले में 10 साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा कोर्ट ने 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसी मामले में कोर्ट ने दूसरे आरोपी मोनू यादव को भी 2 साल की सजा सुनाई और 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। हलांकि, इससे पहले मुख्तार अंसारी ने कोर्ट से सजा कम करने की गुहाई लगाई।


गैंगस्टर एक्ट के तीसरे मुकदमे में मुख्तार अंसारी को सजा हुई है। इससे पहले गाजीपुर एमपी- एमएलए कोर्ट ने अवधेश राय हत्याकांड के बाद दर्ज हुए गैंगस्टर एक्ट केस और कृष्णानंद हत्याकांड के बाद दर्ज हुए गैंगस्टर केस में सजा सुनाई थी। मुख्तार अभी भी बांदा जेल में बंद है।

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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई पेशी
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्तार अंसारी को गाजीपुर की एमपी- एमएलए कोर्ट में पेश किया गया था। मुख्तार अंसारी ने अपने वकील लियाकत अली के जरिए कोर्ट ने कहा कि हुजूर, मैं 2005 से लगातार जेल में बंद हूं। इसके अलावा संबंधित मामले में भी 7 साल से ज्यादा समय जेल में गुजार चुका हूं। मेरी उम्र 60 साल से अधिक है। मैं हृदय रोग, ब्लड प्रेशर, शुगर जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रसित हूं। दो बार हार्ट अटैक आ चुका है, इसलिए उसे कम से कम सजा दी जाए। हालांकि, अंसारी ने कोर्ट में इससे जुड़े कोई सबूत पेश नहीं कर पाए।

वहीं, दूसरे अभियुक्त सोनू के पक्ष में अपील करते हुए अधिवक्ता लियाकत अली ने कोर्ट से कहा कि वह बेहद गरीब और अपने घर में अकेला कमाने वाला व्यक्ति है। इसके अलावा पूर्व में उसका कोई अपराधिक इतिहास भी नहीं रहा है।

वहीं कोर्ट में अभियोजन की ओर से सबसे पहले सरकारी अधिवक्ता नीरज श्रीवास्तव ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मुख्तार का अपराधिक इतिहास रहा है। उसने अपने जीवनकाल में काफी गंभीर प्रवृत्ति के अपराध किए हैं। इस संबंध में कोर्ट के समक्ष सुबूत भी प्रस्तुत किए गए हैं। मुख्तार कई मामलों में दोषी भी पाए गए हैं। ऐसे में उन्हें अधिकतम सजा दी जाए।

इस मामले में मुख्तार को हुई सजा
माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ 19 अप्रैल 2009 को हुए कपिल देव हत्याकांड और 24 नवंबर 2009 को हुए अमीर हसन अटैक केस में गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने इन दोनों मामले में मुख्तार अंसारी को 120बी यानी साजिश रचने के मामले में आरोपी बनाया था। पुलिस ने आरोपी तो बना दिया था, लेकिन कोर्ट में साबित नहीं कर पाई थी। आरोप साबित न होने पर कोर्ट ने मुख्य केस से मुख्तार अंसारी को बरी कर दिया था। वहीं, अब गैंगस्टर एक्ट केस में कोर्ट ने मुख्तार को दोषी ठहराया है और सजा सुनाई है।