गाजीपुर. सोशल मीडिया पर आजकल हर कोई एक्टिव है। सोशल मीडिया के भी दो पक्ष हैं। जहां एक ओर सोशल मीडिया के माध्यम से व्यक्ति वैश्विक स्तर पर एक दूसरे से जुड़ा हुआ है और उसकी एक क्लिक पर पूरी दुनिया है। वहीं इसका दुरूपयोग भी कम नहीं है। सोशल मीडिया के माध्यम से महिलाओं से दोस्ती करना और फिर महिलाओं के शोषण की खबरें हमेशा आती रहती हैं। यही नहीं लव जेहाद में भी लड़कियां सोशल मीडिया के माध्यम से ज्यादा फंसती हैं। महिलाएं इन सब चीजों से कैसे बचें और उनकी सुरक्षा के लिये उत्तर-प्रदेश पुलिस ने क्या कदम उठाये हैं। इन सब बातों की जानकारी महिलाओं तक पहुंचाने के लिये पुलिस विभाग की ओर से नारी सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है। जो कि 4 दिसम्बर से प्रारम्भ हुआ है। पूरे प्रदेश के पुलिस अधिकारी विभिन्न कॉलेज और स्कूलों में जाकर महिलाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक कर रहे हैं और उनको सुरक्षा के टिप्स दे रहे हैं।
भले ही हमारे देश में नारी को शक्ति के रूप में पूजा जाता है पर नारी की वास्तविक स्थिति आज हमारे देश में क्या है। यह आये दिन महिलाओं के प्रति हो रहे अपराधों से स्पष्ट हो जाती है। चाहे हम बलिया में छात्रा की नृशंस हत्या की बात करें चाहें जनपद गाजीपुर हुई छात्रा की हत्या की। महिलाओं के प्रति हो रहे अपराधों में सोशल मीडिया की भी अहम भूमिका है। यही वजह है कि, नारी सुरक्षा सप्ताह में महिलाओं को सोशल मीडिया के प्रयोग में सावधानी बरतने की सलाह पुलिस द्वारा दी जा रही है।
जनपद गाजीपुर में आज पुलिस अधीक्षक सोमेन वर्मा खुद सत्यदेव कालेज में पहुंचे और वहां की छात्राओं के साथ संवाद स्थापित किया। एसपी ने कहा कि, आपलोग सोशल मीडिया के इस्तेमाल जरूर करें क्योंकि ये एक टेक्नॉलाजी है। बस जरूरत है सावधानी कि ताकि आपका कोई लाभ न उठा पाए। सोशल मीडिया पर उसी से संवाद करे जिसे आप जानती हों। 1090 पर बोलते हुये उन्होंने कहा कि, दस नब्बे नम्बर महिला हेल्पलाइन नम्बर नहीं है। बल्कि ये वूमन पावरलाइन नम्बर है। ये आपकी ताकत है।
पूरे प्रदेश में कहीं से भी इस नम्बर पर काल किया जा सकता है और आपकी कॉल को कोई महिला पुलिसकर्मी ही रिसीव करेगी। इस नम्बर पर किये जाने वाले काल को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाता है। यही नहीं आपको बस एक बार काल करना है। उसके बाद जबतक आपकी समस्या का समाधान नहीं हो जाता तबतक पुलिस आपसे सम्पर्क करेगी और आपको पुलिस स्टेशन बिना बुलाये आपकी समस्या का समाधान किया जायेगा। उन्होंने छात्राओं से कहा कि निडर होकर अपनी समस्यायें पुलिस को बतायें और पुलिस पूरी गोपनीयता रखते हुये आपकी समस्या का समाधान करेगी। छात्राओं का भी कहना था कि, हमें सबसे ज्यादा डर इसी बात का होता है किसी की शिकायत करने पर वो हमें या हमारे परिवार को कोई नुकसान न पहुंचाए।
अब इस पावरलाइन नम्बर से हम पुलिस को अपनी समस्या निडर होकर बता सकते हैं। हमने कुछ छात्राओं से नारी सुरक्षा सप्ताह और 1090 पर बात की तो सभी का यही कहना है कि, ये पुलिस की एक अच्छी पहल है और इससे हमको काफी सुविधा होगी। क्योंकि इसमें सिर्फ एक फोन कॉल से हमारी पहचान बिना सामने आए हमारी समस्या का समाधान हो जायेगा। जिससे हमारी सुरक्षा तो है ही हमारा आत्मविश्वास भी इससे बढ़ेगा।
input- आलोक त्रिपाठी