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सपा शासन काल में पर्यटन घोटाला! 12 लोगों पर एफआईआर, तब ओम प्रकाश सिंह थे मंंत्री

पर्यटन घोटाले के आरोप में नौ लोगो पर एफआईआर, सपा शासन काल का है मामला।

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Om Prakash Singh

ओम प्रकाश सिंह

गाजीपुर. यूपी की पूर्व सपा सरकार पर एक और इल्जाम लगा है। मामला पर्यटन विभाग के घोटाले का है। तब पर्यटन मंत्री सपा के कद्दावर मंत्री ओम प्रकाश सिंह थे। इस मामले में कुल 12 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर किया गया है। इस मामले को लेकर जमानियां के पूर्व विधायक और तत्कालीन मंत्री ओम प्रकाश सिंह सवालों के घेरे में हैं।

बता दें कि तत्कालीन पर्यटन मंत्री ओम प्रकाश सिंह की पहल पर वित्तीय वर्ष 2012-13 और 2013-14 में राज्य योजना के तहत जमानियां विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों की परियोजनाएं मंजूर हुईं थीं। उनमें कई परियोजनाएं पूरी तो नहीं हुईं, पर उनके लिए स्वीकृत रकम निकाल लिये जाने का आरोप है। विधानसभा चुनाव 2017 में जमानियां से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर सुनीता सिंह विधायक चुनी गईं। यूपी में सपा की कारारी हार हुई और भाजपा की सरकार बनी।

विधायक की पहल पर इस मामले को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया गया, जिसे सीएम ने भी गंभीरता से लिया। मौजूदा पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने विभागीय समीक्षा बैठक में इस मामले की जांच का आदेश दिया। कमिश्नर वाराणसी ने भी जांच के लिए लिखा तो विभाग ने भी बकायदा जांच कमेटी गठित कर दी। कमेटी के सदस्य संबंधित परियोजनाओं का मौके पर पहुंचे और जांच की। कहा जा रहा है कि कमेटी के लोगों ने घोटाले की पुष्टी कर शासन को चिट्ठी लिख दी।

ऊपर से आदेश मिलने के बाद विभाग के संयुक्त निदेशक वाराणसी अविनाश मिश्र टीम के साथ गहमन थाने पहुंचे और वहां घोटाले के आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी। इस मामले में कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम के तत्कालीन परियोजना निदेशक डीपी सिंह, एई गुरफान अली, जेई जितेंद्र सिंह सहित संबंधित नौ ठेकेदारों को नामजद कर एफआईआर दर्ज की गयी है।

इन परियोजनाओं में है घोटाले का आरोप
- कामाख्या धाम में पर्यटन विकास
- सेवराई के चीरा पोखरा तथा परेमन पोखरा का सुंदरीकरण
- कीनाराम स्थल देवल व देवकली में पर्यटन विकास की परियोजना

ये है आरोप
आरोप है कि इन परियोजनाओं के लिये करीब आठ करोड़ रुपये स्वीकृत थे। राश का भुगतान भी हो गया, जबकि जांच में मौके पर छह करोड़ 99 लाख 48 हजार रुपये से अधिक का घोटाला मिलने की बात कही गयी है। यहां यह भी याद दिला दें कि तत्कालीन परियोजना निदेशक डीपी सिंह तब के पर्यटन मंत्री ओम प्रकाश सिंह के निर्देश पर निलंबित कर दिये गए थे। यह कार्यवाही किसी दूसरी परियोजना में गड़बड़ी मिलने पर हुई थी।