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200 के विवाद में युवक की हत्या, परिजनों ने चलती एंबुलेंस से हाईवे पर गिराया शव, देर रात हुआ अंतिम संस्कार

एक युवक की 200 रुपये के विवाद में पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। शव घर ले जाते समय परिजनों ने गोंडा- लखनऊ हाईवे पर चलती एंबुलेंस से शव गिराकर प्रदर्शन किया। पहले से तैनात पुलिस ने तत्काल पहुंच कर मामला शांत कराया।

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Gonda

शव रखकर प्रदर्शन करते परिजन मौजूद पुलिस फोटो सोर्स पत्रिका

गोंडा के कोतवाली देहात क्षेत्र स्थित बालपुर जाट गांव में महज 200 रुपये को लेकर शुरू हुआ विवाद जानलेवा बन गया। चार दिन पूर्व हुई मारपीट में गंभीर रूप से घायल हुए हृदयलाल (25) की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल व्याप्त हो गया है। पुलिस ने मामले में तत्परता दिखाते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

गोंडा जिले के बालपुर बाजार में सोमवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई। जब परिजन चलती एंबुलेंस से हृदयलाल का शव सड़क पर उतारकर लखनऊ-गोंडा हाईवे पर रख दिया। गुस्साए लोगों ने हाईवे को जाम कर दिया। और जमकर हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को सड़क से हटाकर ट्रैफिक बहाल करने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस की काफी प्रयास के बाद हृदय लाल के शव को पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार करा दिया गया है।

यह रहा मामला

जानकारी के मुताबिक, हृदयलाल ने गांव के ही एक व्यक्ति से 200 रुपये की बकाया रकम मांगी थी। इसी बात को लेकर आरोपित के भाई से कहासुनी हो गई। जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। आरोप है कि आरोपी ने हृदयलाल की बेरहमी से पिटाई कर दी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां पर हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया था। लखनऊ में इलाज के दौरान सोमवार को उनकी मौत हो गई।

सीओ बोले- चार आरोपियों को हिरासत में लिया गया

सीओ सिटी आनंद कुमार राय ने बताया कि 1 अगस्त की देर शाम हृदयलाल को उनके विपक्षी पटीदारों द्वारा शराब के नशे में हुए झगड़े में मारपीट कर दी गई थी। जिसके संबंध में हृदयलाल के परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया था। इलाज के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां से हालत गंभीर होने पर लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया था। लखनऊ में इलाज के दौरान हृदय लाल की मौत हो गई। पंचायतनामा एवं पोस्टमार्टम के पश्चात उनके शव को लक्ष्मणपुर जाट लाया जा रहा था। इस दौरान परिजनों द्वारा सड़क को बाधित करने की मंशा से चलती एम्बुलेंस से उनके शव को उतारा जाने लगा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। उक्त प्रकरण में उपस्थित पुलिस बल द्वारा कार्रवाई करते हुए मृतक के शव को वापस गाड़ी में रखकर उनके आवास पर लाया गया। जहाँ परिजनों द्वारा उनका अन्तिम संस्कार किया गया। इस मामले में नामजद चारों आरोपियों को हिरासत में लिया गया है।