
सीएम योगी आदित्यनाथ, PC- IANS
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी में आयोजित कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन, नियुक्ति पत्र और ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस वितरित किए। इस पहल का उद्देश्य बाल विकास सेवाओं को तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है। सरकार का दावा है कि इससे कुपोषण की पहचान, निगरानी और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और तेजी आएगी।
सोमवार को लखनऊ में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन, नियुक्ति पत्र और ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस वितरित किए गए। इन आधुनिक उपकरणों में बच्चों की लंबाई और वजन मापने वाले यंत्र शामिल हैं। जिससे कुपोषण की पहचान अब अधिक सटीक तरीके से की जा सकेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्टफोन के जरिए अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रियल टाइम डाटा अपलोड कर सकेंगी। इससे पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तकनीकी बदलाव से उत्तर प्रदेश की राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग में भी सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश के 46 जिलों में 754 नवचयनित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। साथ ही, अन्य चयन प्रक्रियाएं भी तेजी से जारी हैं। उन्होंने बताया कि चालू वर्ष में 5000 से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और 60,000 से ज्यादा सहायिकाओं की भर्ती का लक्ष्य रखा गया है। इस अवसर पर आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए नए भवन डिजाइन का भी विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर भवन और संसाधनों से सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और लाभार्थियों को अधिक सुविधा मिलेगी।
गोण्डा जिले में भी जिला पंचायत सभागार में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां नवनिर्मित आंगनबाड़ी केंद्र और बाल विकास परियोजना कार्यालय का लोकार्पण किया गया तथा नव चयनित कार्यकत्रियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी सेवाएं बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण की आधारशिला हैं। उन्होंने नवचयनित कार्यकत्रियों से पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपेक्षा जताई। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण, टीकाकरण, प्री-स्कूल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं।
Updated on:
30 Mar 2026 09:18 pm
Published on:
30 Mar 2026 09:18 pm
