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सीएम योगी से नाराज युवक ने राष्ट्रपति से मांगी इच्छा मृत्यु, देखें वीडियो

युवक ने कहा कि अनुमति नहीं मिली तो कर लूंगा सुसाइड, जिसकी पूरी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की होगी

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cancer patient want iccha mrityu

गोण्डा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नाराज एक युवक ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की मांग की है। भेजे पत्र में पीड़ित का कहना है कि उसके गले में कैंसर है, जिसकी दवा और जांच कराने के लिए उसके पास पैसे नहीं है। उसने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखकर मदद की मांग की है, लेकिन वहां से कोई उत्तर तक नहीं मिला। अब परेशान युवक का कहना है कि अगर राष्ट्रपति ने उसे इच्छा मृत्यु की अनुमति नहीं दी तो वह आत्महत्या कर लेगा। पीड़ित युवक ने कहा कि मेरी आत्म हत्या करने की दशा में पूरी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की होगी।

जनपद बलरामपुर के उतरौला कस्बे के आर्यनगर मोहल्ले का निवासी 45 वर्षीय विद्याभूषण श्रीवास्तव पुत्र स्वर्गीय ओम प्रकाश श्रीवास्तव तहसील प्रांगण पानीपत हरियाणा में किराए पर कमरा लेकर अपनी पत्नी व सात वर्षीय पुत्र और तीन वर्षीय लड़की के साथ रहता है। वहां वह किसी प्राइवेट कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड के रूप साढ़े छह हजार रुपये प्रतिमाह में नौकरी करता है। उस पर 75 वर्षीय माता 40 वर्षीय अविवाहित भाई की जिम्मेदारी है।

जांच कराने के भी पैसे नहीं
पिछले 6 माह से उसे गले में दर्द और मुंह से खून आने कमजोरी होने के चलते चिकित्सक ने कैंसर होने की बात बता कर रोहतक व पीजीआई में जांच कराने की बात कही। जहां जांच के लिए उससे 15 हजार रुपए मांगे गए। विद्याभूषण का कहना है जितनी मुझे सैलरी मिलती है उसे 3 माह का लगाना पड़ेगा, फिर हम 3 माह क्या खाएंगे। पिछले दो माह से काफी कमजोरी होने पर वह कार्य पर भी नहीं जा रहा है। पत्नी सिलाई का कार्य करना शुरू कर दिया, जिससे परिवार का खर्च चल रहा है।

करोड़ों का मालिक फिर भी परेशान
विद्या भूषण की उतरौला में करोड़ों के पैतृक भूमि थी, जिसे उसके पट्टीदार ने बेच दिया। जब विद्या भूषण को जानकारी हुई तो उसने मुकदमा कर दिया। विद्या भूषण का आरोप है कि उसने अपने पैसे के बल पर जिसके हाथ से जमीन बेचा था उसने मुकदमा अपने पक्ष में करा लिया है। विद्या भूषण ने बताया यदि मेरी संपत्ति मेरे पक्ष में हो जाये तो उसे बेच कर दवा करा लूंगा और फिर किसी के सहयोग की जरूरत नहीं होगी।

क्यों चाहता इच्छा मृत्यु
विद्या भूषण ने जिले से न्याय न मिलने पर आयुक्त देवीपाटन मंडल से मिलने आया था। उसने बताया कि मेरी करोड़ों की संपत्ति विवादित हो गयी है, लेकिन दवा करना जरूरी है, क्योंकि दिन प्रतिदिन स्वास्थ्य गिर रहा है। ऐसे में स्थानीय विधायक उतरौला राम प्रताप से लेकर जिलाधिकारी से मिलकर कैंसर के इलाज के लिए सहयोग के लिए आग्रह किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सीएम, पीएम से इलाज की मांग की लेकिन की माह बीतने के बाद कोई कार्यवाई नहीं हुई, तो राष्ट्रपति से भी गुहार लगाई,लेकिन कहीं से कोई सुनवाई नहीं हुई। और न ही किये गए आवेदन का कोई पता चला।

RTI से मांगी जानकारी
विद्या भूषण ने जनसूचना अधिकार के माध्यम से पत्रों की स्थित की जानकारी मांगी तो केवल महामहिम के यहां से बताया गया कि प्रकरण की जांच के लिए भेजा गया है। जबकि सीएम योगी आदित्यनाथ और पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यालय से कोई जानकारी नहीं दी गई।