
चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन मंगलवार यानी 28 मार्च को पड़ता है। नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। मां कालरात्रि सदैव शुभ फल देती हैं।
आचार्य पवन शास्त्री बताते हैं कि नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। नवरात्रि में सातवें दिन महासप्तमी पड़ती है। इस दिन मां के सातवे रूप की पूजा की जाती है। मां कालरात्रि सदैव शुभ फल देती हैं। इसलिए इनको शंभूकारी भी कहा जाता है। जो भक्त मां कालरात्रि की पूजा विधि विधान से करते हैं। उनके सारे दुख नष्ट हो जाते हैं। मां कालरात्रि दुष्टों के विनाश के लिए जानी जाती है। मां कालरात्रि की पूजा से भय और रोगों का नाश होता है। साथ ही भूत प्रेत, अकाल मृत्यु ,रोग, शोक आदि सभी प्रकार की परेशानियों से छुटकारा मिलता है।
मां कालरात्रि को लगाएं गुड़ का भोग
धार्मिक मान्यता के अनुसार आज देवी दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए साधक को उनकी पूजा में गुड़ और हलवे का भोग जरूर लगाना चाहिए। देवी को भोग लगाने के बाद माता को विशेष रूप से पान और सुपाड़ी भी चढ़ाएं। इसके बाद मां कालरात्रि से मनचाहा वरदान पाने के लिए उनकी कथा, चालीसा का पाठ या फिर उनके मंत्रों का जाप पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ करें। मां कालरात्रि को नारियल के साथ लाल रंग का वस्त्र अर्पित करें इसके साथ इन मंत्रों का जाप करें।
ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै ऊं कालरात्रि दैव्ये नम:
पूजा के अंत में मां कालरात्रि की आरती करें। और भूल के लिए क्षमा प्रार्थना करें।
मां कालरात्रि की पूजा का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्लपक्ष की षष्ठी तिथि 27 मार्च 2023, सोमवार को सायंकाल 5:28 बजे से प्रारंभ होकर 28 मार्च 2023, मंगलवार को सायंंकाल 7:02 बजे तक रहेगी। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार नवरात्रि की सप्तमी का व्रत और मां कालरात्रि की पूजा 27 मार्च 2023 को की जाएगी।
Published on:
27 Mar 2023 06:11 pm
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