
CM Yogi: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आय बढ़ाने में टूरिज्म की अहम भूमिका होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अयोध्या में वर्ष 2016 के दौरान 2.35 लाख श्रद्धालु आए थे। थोड़ा कनेक्टिविटी और सुविधा बढ़ाने से वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 16.11 करोड़ पहुंच गई। उन्होंने कहा कि टिकरी जंगल को ओपन सफारी के रूप में विकसित होने से अवध क्षेत्र इको टूरिज्म का हब बन जाएगा।
CM Yogi: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि पार्वती और अरगा प्राकृतिक झील प्रकृति के मूल स्वरूप की तरफ हमारा ध्यान आकर्षित करते हैं। यह भारत के उस विरासत का प्रतीक है। जो सरयू नदी के कारण सैकड़ों वर्ष पहले प्राकृतिक झील बना। इसका स्वरूप आज भी उसी रूप में है। यहां प्रवासी व स्थानीय पक्षी बैठे हैं। हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर वे हर बार यहां आते हैं। गर्मी बढ़ने पर अपने देश जाने लग जाएंगे। यह अपने साथ वहां की परिस्थितियों से भी हमें अवगत कराने को प्रेरित करती है।
सीएम ने कहा कि पर्यटन अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का माध्यम है। ईको, हैरिटेज, स्प्रिचुअल टूरिज्म रोजगार सृजन का भी बड़ा माध्यम बनता है। यहां से 20 किमी. दूर अयोध्या में 2016 में महज 2.35 लाख पर्यटक आए थे। हमारी सरकार ने वहां कनेक्टिविटी ठीक की, थोड़ी सुविधाएं बढ़ाईं तो 2024 में 16.11 करोड़ लोग यहां आए। इससे रोजगार में काफी वृद्धि हुई। गाइड, रेस्तरां, टैक्सी, होटल, होम स्टे, टेंट सिटी, फूल-पत्ती, व्यवसाय आदि के जरिए भी लोगों का रोजगार बढ़ा।
सीएम ने कहा कि टिकरी जंगल को ओपन सफारी के रूप में विकसित करने से यह मंडल व अवध क्षेत्र को ईको टूरिज्म के बहुत बड़े केंद्र के रूप में विकसित कर देगा। कनेक्टिविटी की जिम्मेदारी यूपी सरकार लेगी। पार्वती व अरगा वेटलैंड्स को सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना के साथ जोड़ने के लिए भी सरकार कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि आज से 8 वर्ष पहले हुए सर्वे में गोण्डा देश का सबसे गंदा जनपद था। लेकिन आज गोंडा की रैंकिंग अच्छी आती है। आज यहां मेडिकल कॉलेज बन गया है। 100 वर्षों से जिन वनटांगिया को अधिकार नहीं मिला था, उन्हें आज अधिकार भी प्राप्त हुआ और सम्मानित जीवन भी व्यतीत कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्रिमंडल में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन व विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि हमारे इस पार्वती अरगा पक्षी विहार में 50 से अधिक प्रजातियों के एक लाख से अधिक संख्या में पक्षी आते हैं। अगर हम इन पक्षियों का रखरखाव व संरक्षण करें तो इस क्षेत्र को ईकोटूरिज्म का बढ़ावा मिलेगा। साथ साथ ही साथ आसपास के लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय मंत्रालय से आठ हजार हेक्टेयर में फैले टिकरी जंगल में ओपन सफारी योजना तैयार कर ली है। साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन के द्वारा अरगा ब्रांड का अमेजॉन के साथ एमओयू साइन करने को लेकर बधाई दी।
Published on:
02 Feb 2025 09:20 pm
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