
फोटो सोर्स योगी आदित्यनाथ X account
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क दुर्घटनाओं में हो रही जनहानि पर गहरी चिंता जताते हुए प्रदेश सरकार ने यातायात नियमों के पालन पर जोर दिया है। लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हर साल हजारों परिवार उजड़ रहे हैं। इसे रोकने के लिए 31 जनवरी तक प्रदेश में सड़क सुरक्षा माह चलाया जा रहा है।
सीएम योगी ने सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों को लेकर प्रदेश सरकार ने गंभीर रुख अपनाया है। सरकार का कहना है कि लापरवाही से वाहन चलाना, यातायात नियमों की अनदेखी और असावधानी दुर्घटनाओं के सबसे बड़े कारण हैं। इन हादसों में कई स्वस्थ लोग अकाल मृत्यु का शिकार हो जाते हैं। जिससे उनके परिवार जीवनभर का दर्द झेलने को मजबूर होते हैं।
इन्हीं चिंताओं को देखते हुए 31 जनवरी तक पूरे प्रदेश में ‘सड़क सुरक्षा माह’ का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य लोगों में जागरूकता बढ़ाना और सड़क पर चलने के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि परिवारों और भविष्य की सुरक्षा का संकल्प है।
सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु दर को शून्य तक लाने के लक्ष्य के साथ प्रदेश के 20 सबसे दुर्घटना-संवेदनशील जनपदों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही, राज्य भर में 3 हजार से अधिक ऐसे स्थान चिह्नित किए गए हैं। जहां दुर्घटनाओं की संभावना अधिक रहती है। इन स्थानों पर विशेष निगरानी और सुधार कार्य किए जा रहे हैं।
यह अभियान चार प्रमुख बिंदुओं—शिक्षा, प्रवर्तन, इंजीनियरिंग और आपातकालीन देखभाल—पर आधारित है। पुलिस जहां नियमों को सख्ती से लागू करेगी। वहीं आम जनता के सहयोग को भी बेहद जरूरी बताया गया है।
सरकार ने अपील की है कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें। गति सीमा का पालन करें। नशे में वाहन न चलाएं। हेलमेट और सीट बेल्ट को अनिवार्य सुरक्षा साधन बताया गया है। माता-पिता से नाबालिग बच्चों को वाहन न चलाने देने की अपील की गई है। साथ ही पैदल यात्रियों के अधिकारों का सम्मान करने पर भी जोर दिया गया है। सरकार को विश्वास है कि जनसहयोग से प्रदेश की सड़कें सुरक्षित बन सकेंगी।
Updated on:
12 Jan 2026 11:02 am
Published on:
12 Jan 2026 10:54 am
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