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दुष्कर्म के आरोपी को दस वर्ष सश्रम कारावास 50 हजार रुपए अर्थ दंड इसकी अदायगी ना होने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी

गोण्डा लड़की का अपहरण कर दुष्कर्म के आरोपी को न्यायालय ने 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 50 हजार अर्थदंड लगाया है। यदि आरोपी द्वारा अर्थदंड की अदायगी नहीं की जाती है। तो उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।

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वर्ष 2019 में पश्चिम बंगाल के युवक द्वारा उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र के एक लड़की का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म के मामले में पुलिस की सशक्त पैरवी के चलते ऑपरेशन शिकंजा अभियान के तहत की गई। पैरवी का परिणाम यह रहा कि पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बताया कि ऑपरेशन शिकंजा अभियान के तहत वह स्वयं प्रतिदिन उसकी मॉनिटरिंग करते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओ, बालिकाओं, के विरुद्ध हुए ऐसे सभी अपराधों के इन मुकदमों में निर्देश दिए गए हैं कि मॉनिटरिंग सेल द्वारा सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए निरन्तर प्रभावी पैरवी की जाय। अपर सत्र न्यायाधीश डा दीनानाथ ने दुष्कर्म के आरोपी को दस वर्ष की कैद व पचास हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड की अदायगी न करने पर अतिरिक्त सज़ा भुगतनी होगी।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी)अभिनव चतुर्वेदी के अनुसार उमरीबेगमगंज क्षेत्र के अंतर्गत अभियुक्त सुनील मिश्रा निवासी विवेकानन्द पाली वहिंद सर्फ फैक्ट्री नियर काली मंदिर तिवारी पारा थाना रानी गंज पश्चिम बर्दमान पश्चिम बंगाल ने एक लड़की को बहला फुसलाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। उमरी बेगमगंज पुलिस ने धारा 366 376, 420,328, धाराओं में मुकदमा दर्ज कर प्रकरण की विवेचना के बाद आरोप पत्र अदालत पर भेज दिया गया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस व दलीलों को सुना तथा पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का गहन अवलोकन करने के पश्चात आरोपी को अपहरण व दुष्कर्म करने का दोषी करार देते हुए दस वर्ष का सश्रम कारावास तथा पचास हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड की अदायगी न करने पर अतिरिक्त सज़ा भुगतनी होगी।