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Gonda: डीएम कड़ा एक्शन गलत रिपोर्ट देने पर फंसे अवर अभियंता, एडीओ पंचायत को नोटिस नए सिरे से होगी जांच

Gonda News: डीएम के कड़े एक्शन से हड़कंप मच गया है। मानक विहीन निर्माण कार्य की गलत रिपोर्ट देने पर अवर अभियंता तथा एडीओ पंचायत पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। डीएम ने नए सिरे से जांच करने के लिए कमेटी गठित कर तीन दिनों में रिपोर्ट मांगी है।

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डीएम नेहा शर्मा

Gonda News: डीएम नेहा शर्मा की सख्ती से हड़कंप मच गया है। जिले के हलधर मऊ विकासखंड में एक ग्राम पंचायत में खड़ंजा निर्माण में अनियमितता होने की शिकायत हुई थी। जिस पर अवर अभियंता ने जांच कर गलत रिपोर्ट दे दी। इस पर डीएम ने कड़ा एक्शन लेते हुए अवर अभियंता तथा एडीओ पंचायत को नोटिस जारी कर 3 दिन में रिपोर्ट मांगी है। वहीं पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्य की कमेटी गठित कर नए सिरे से जांच के आदेश दिए हैं। जिससे विकास विभाग में हड़कंप मच गया है।

Gonda News: डीएम नेहा शर्मा ने विकासखंड हलधरमऊ की ग्राम पंचायत हड़ियागाड़ा में वर्ष 2024-25 में कराए गए खड़ंजा निर्माण कार्य में अनियमितताओं पर सख्त कदम उठाते हुए बुधवार को जांच के आदेश दिए है। दोषियों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। गलत रिपोर्ट देने वाले लघु सिंचाई विभाग के अवर अभियंता को नोटिस जारी किया गया है। वहीं सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) हलधरमऊ से भी जवाब तलब किया गया है। डीएम ने इस मामले की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर 10 मार्च तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

गुणवत्ता जांच में खुली पोल

हड़ियागाड़ा गांव के रहने वाले नरेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने मंडलायुक्त से शिकायत की थी। जिसमें कहा गया था कि गांव में खड़ंजा निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग हुआ है। मण्डलायुक्त कार्यालय से 01 मार्च को यह प्रकरण डीएम कार्यालय को प्रेषित किया गया। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार करनैलगंज से जांच कराई। जिसकी 4 मार्च को प्रस्तुत रिपोर्ट में निर्माण कार्य को प्रथमदृष्टया मानक विहीन पाया गया। उपलब्ध कराए गए फोटोग्राफ भी मानकों से मेल नहीं खाते।

गलत रिपोर्ट देने वाले अधिकारी निशाने पर

पूर्व में 9 दिसंबर 2024 को लघु सिंचाई विभाग के अवर अभियंता मुकेश कुमार ने रिपोर्ट दी थी। जिसमें खड़ंजा निर्माण कार्य संतोषजनक है। भुगतान भी उचित तरीके से किया गया है। तहसीलदार की जांच में यह रिपोर्ट भ्रामक और सतही पाई गई। जिस पर डीएम ने मुकेश कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तीन दिन में जवाब देने के निर्देश दिए हैं।

एडीओ पंचायत से जवाब तलब

जिलाधिकारी ने सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) राजेश वर्मा से भी तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने खंड विकास अधिकारी के स्थान पर खुद हस्ताक्षर कर उपायुक्त श्रम रोजगार को रिपोर्ट भेज दी थी। जिसमें कार्य को मानकों के अनुरूप बताया गया था। डीएम ने पूछा है कि उन्होंने किस आधार पर यह रिपोर्ट भेजी।

तीन सदस्यीय समिति करेगी जांच

प्रकरण गंभीर होने के कारण डीएम ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। जिसमें अधिशासी अभियंता (ग्राम्य अभियंत्रण विभाग, गोंडा), सहायक अभियंता (लोक निर्माण विभाग, निर्माण-1) और खंड विकास अधिकारी (हलधरमऊ) को शामिल किया गया है। यह समिति स्थल का निरीक्षण और अभिलेखीय जांच कर 10 मार्च तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

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डीएम की चेतावनी – भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं

जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी निर्माण कार्यों में लापरवाही या भ्रष्टाचार किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।