
एक किसान ने बटाई पर जमीन लेकर महज 5 हजार रुपए खर्च कर 90 दिनों में 2 लाख रुपए कमाया है। दूर-दूर से किसान अब इनसे खेती के विषय में जानकारी लेने के लिए आ रहे हैं।
गोंडा जिले के जेठपुरवा निवासी श्याम रंग कुछ दिनों तक पंजाब में रहकर मेहनत मजदूरी करते थे। वहां पर काम धंधे में जब बहुत मंदी आ गई। इन्होंने घर पर रहकर ही कुछ करने का मन बनाया। पंजाब से अपने घर पहुंचने के बाद परंपरागत खेती छोड़ सब्जी उत्पादन का काम शुरू किया। अपने पास खेती की जमीन कम होने पर गांव के अन्य लोगों की जमीन बटाई पर ले लिया।
एक एकड़ में लगाया मटर, हो गये मालामाल
श्याम रंग खेती में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते हैं। इनका कहना है कि इन्होंने सितंबर के पहले सप्ताह में एक एकड़ यानी 5 बीघा में मटर की फसल लगाई। जेके 56 प्रजाति कि मटर की बुवाई करने के लिए इन्होंने शुरुआती दौर में 5 हजार रुपए खर्च किया। बाजार में जब 40 रुपए प्रति किलो मटर बिक रही थी। तब से इनकी फसल तैयार है। इनका कहना है कि मटर की फसल अच्छी लग जाने पर एक बीघा में आठ से 10 कुंतल तक फली निकलती है। अच्छी फसल लगने पर 35 से 40 हजार तक प्रति बीघा मिल जाता है।
90 से 120 दिनों की होती फसल
मटर की फसल 90 से 120 दिनों में फल फूल लेकर समाप्त हो जाती है। बुवाई के 50 से 60 दिनों के बीच इन में फल लगने लगते हैं। मटर की फली को तोड़कर स्थानीय बाजारों में थोक भाव में बेच देते हैं।
छुट्टा जानवर इनके खेतों के करीब नहीं आते
फसलों को छुट्टा जानवरों से बचाने के लिए श्याम रंग ने अपने खेत में झटका मशीन लगाया है। कोई भी जानवर जैसे ही इनके खेत में घुसने का प्रयास करता है। खेत के चारों तरफ लगे वायर इन्हें तेजी से झटका देते हैं। सबसे खास बात यह है। झटका मशीन से किसी जानवर की मौत नहीं होती है। एक बार टच होने के बाद जिससे झटका लग जाता है वह दोबारा खेत की तरफ देखता भी नहीं है।
5 हजार खर्च कर 90 दिनों में कमाया 2 लाख
श्याम रंग बताते कि 5 बीघा मटर उन्होंने पिछले साल लगाया था। उस समय भी करीब 5 हजार रूपये खर्च हुए थे। करीब दो लाख के आसपास इन्होंने मटर की फली बेचा था।
मटर के अलावा टमाटर मिर्च बैगन की खेती भी करते
श्याम रंग बताते हैं मटर के अलावा बैगन मिर्च की भी खेती करते हैं। इससे भी इन्हें बेहतर मुनाफा होता है। इनका कहना है कि किसान सम्मान निधि को छोड़ दिया जाए। तो अब तक खेती-किसानी से संबंधित किसी भी योजना का लाभ इन्हें नहीं मिला है।
ऐसे करें मटर की बुवाई
श्याम रंग बताते हैं कि मटर की बुवाई करने के लिए खेत को पहले अच्छी तरह तैयार कर ले। उसके बाद मटर की बुवाई पंक्ति में करें। सिंचाई के लिए लंबी और छोटी क्यारियां बनाएं। मटर की बहुत हल्की सिंचाई करें। अर्किल मटर की कई प्रजातियां आती हैं। इनमें से किसी भी प्रजाति को चुन सकते हैं।
Published on:
04 Feb 2023 08:20 pm
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