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‘वोट मांगने गए थे, अचानक बरसने लगी गोलियां’, अब 4 दोषियों को मिली उम्रकैद की सजा; गोंडा कोर्ट ने 5 साल बाद सुनाया फैसला

Gonda Election Violence Case: गोंडा के नवाबगंज क्षेत्र में ग्राम प्रधान चुनाव के दौरान हुई हिंसक फायरिंग और हमले के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। करीब 5 साल बाद चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा मिली है। कोर्ट ने दोषियों पर जुर्माना भी लगाया है।
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गोंडा

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Mahendra Tiwari

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Updated: 19 Jun 2026, 8:55 PM IST

Gonda

सांकेतिक फोटो

गोंडा जिले के नवाबगंज क्षेत्र में ग्राम प्रधान चुनाव के दौरान हुई खूनी रंजिश के मामले में करीब 5 साल बाद बड़ा फैसला आया है। वोट मांगने गए लोगों पर जानलेवा हमला और फायरिंग करने वाले 4 आरोपियों को अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सभी दोषियों पर 70,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

गोंडा के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय, नवीन गोंडा ने चार आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक आरोपी पर 70,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। मामला ग्राम चौखड़िया का है। पुलिस के अनुसार अरविंद पाठक ने नवाबगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी भाभी ग्राम प्रधान पद का चुनाव लड़ रही थीं। चुनाव प्रचार के दौरान उनके भाई और अन्य सहयोगी गांव में लोगों से वोट मांग रहे थे। इसी दौरान पुरानी रंजिश को लेकर विपक्षी पक्ष के लोग हथियारों से लैस होकर वहां पहुंच गए।

फायरिंग और मारपीट में कई लोग हुए थे घायल


आरोप है कि हमलावरों ने पिस्तौल, कट्टा, लाठी और भाले से हमला कर दिया। इस दौरान फायरिंग भी की गई। जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना में आरोप सही पाए जाने पर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद मामले की सुनवाई अदालत में चलती रही। पुलिस और अभियोजन पक्ष ने ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत अदालत में मजबूत पैरवी की।

इन आरोपियों को मिली उम्र कैद की सजा

लोक अभियोजक दिग्विजय सिंह, थाना नवाबगंज के पैरोकार कांस्टेबल अरुण कुमार और कोर्ट मोहर्रिर आरक्षी आदित्य वर्मा की प्रभावी पैरवी के आधार पर अदालत ने अभियुक्त दिलीप सिंह, धर्मेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ गब्बू सिंह, दशा सुमेर सिंह और मान सिंह को दोषी करार दिया। अदालत ने चारों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 70,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। पुलिस अधिकारियों ने इसे "ऑपरेशन कन्विक्शन" के तहत बड़ी सफलता बताया है।