
अधिवक्ताओं से बातचीत करते SP विनीत जायसवाल (फोटो सोर्स- पत्रिका)
गोंडा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के दौरान उस समय माहौल गर्म हो गया, जब बड़ी संख्या में अधिवक्ता आयुक्त सभागार के बाहर एकत्र हो गए। वकीलों ने मुख्यमंत्री से सीधे मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखने की मांग की। प्रशासन द्वारा मुलाकात की अनुमति न मिलने पर अधिवक्ताओं ने नाराजगी जताई और धरने पर बैठ गए। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी हुई और वकील अपनी मांगों पर डटे रहे।
गोंडा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक के दौरान अधिवक्ताओं और प्रशासन के बीच तनातनी का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल आयुक्त सभागार के बाहर बड़ी संख्या में वकील एकत्र होकर उनसे मिलने की मांग करने लगे। अधिवक्ताओं का कहना था कि वे किसी विरोध प्रदर्शन के लिए नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री का स्वागत करने और अपनी समस्याओं से उन्हें अवगत कराने पहुंचे हैं।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविचंद्र त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि प्रशासन जानबूझकर अधिवक्ताओं को मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शहर में मौजूद हैं और ऐसे में अधिवक्ताओं को उनसे मिलने का अवसर मिलना चाहिए। उनका कहना था कि वकीलों को अपनी बात रखने का अधिकार है और प्रशासन इस अधिकार में बाधा डाल रहा है।
अधिवक्ताओं ने यह भी कहा कि वे लंबे समय से अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं। इसी उद्देश्य से वे मुख्यमंत्री से सीधे मुलाकात करना चाहते थे। वकीलों का आरोप था कि प्रशासन उनकी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के बजाय उन्हें कार्यक्रम स्थल से दूर रखने का प्रयास कर रहा है।
धरने में शामिल अधिवक्ताओं की एक प्रमुख मांग उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने की भी रही। इस मांग को लेकर बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। विरोध के दौरान कुछ वकीलों ने ‘डीएम वापस जाओ’ के नारे भी लगाए, जिससे मौके पर मौजूद अधिकारियों की चिंता बढ़ गई।
बार एसोसिएशन के महामंत्री सुनील कुमार पांडे सहित कई अधिवक्ता धरने में शामिल रहे। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक उनकी बात मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंचती, तब तक वे अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाते रहेंगे।
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक को देखते हुए कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी कर दी गई थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में अधिवक्ता सभागार के बाहर जुटे रहे और अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए था ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
Updated on:
19 Jun 2026 07:30 pm
Published on:
19 Jun 2026 07:30 pm
