
भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह। फोटो-ANI
Brij Bhushan Singh Latest News: BJP नेता बृजभूषण शरण सिंह ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में कांग्रेस की अपनी स्वतंत्र राजनीतिक हैसियत नहीं है और पार्टी समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करके ही चुनावी फायदा हासिल कर सकती है।
राहुल गांधी से जुड़े सवाल पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उनकी अपनी कोई हैसियत नहीं है और वे समाजवादी पार्टी के कंधे पर सवार होकर ही कुछ सीटें जीत सकते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की भी अपनी कोई हैसियत नहीं है। BJP नेता बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि कांग्रेस का यूपी में कोई आधार नहीं है। हालांकि, उनके मुताबिक गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने पर कांग्रेस को फायदा हो सकता है।
बृजभूषण शरण सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। कांग्रेस अपने सहयोगी समाजवादी पार्टी के साथ सीट बंटवारे को लेकर जल्द बातचीत शुरू करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, बृजभूषण शरण सिंह की टिप्पणी पर समाजवादी पार्टी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
बता दें कि कांग्रेस ने हाल में संकेत दिया है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में अपने संगठन और समाजवादी पार्टी के साथ संबंधों पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करना चाहती है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने बीते दिनों कहा था कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव ‘बराबरी और सम्मान’ के साथ लड़ेगी।
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस इससे पहले भी उत्तर प्रदेश में चुनावी गठबंधन कर चुके हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में दोनों दलों ने ‘यूपी के दो लड़के’ के नारे के साथ गठबंधन किया था। हालांकि, चुनावी नतीजे इस गठबंधन की उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहे। 2017 के समझौते के तहत कांग्रेस को उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से 106 सीटें मिली थीं। लेकिन पार्टी इनमें से सिर्फ सात सीटों पर जीत हासिल कर सकी थी।
2017 के बाद सपा और कांग्रेस के राजनीतिक रास्ते अलग हो गए। दोनों दलों ने 2022 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अलग-अलग लड़ा। उस चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन और कमजोर हुआ और पार्टी सिर्फ दो विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज कर सकी।
हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश में दोनों पार्टियों के बीच राजनीतिक समीकरण में बदलाव देखने को मिला। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ा। दोनों दलों ने राज्य की 80 लोकसभा सीटों में कुल 43 सीटें जीतीं। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा-कांग्रेस के बीच संभावित गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर राजनीतिक चर्चा महत्वपूर्ण हो गई है।
Updated on:
10 Aug 2026 01:39 pm
Published on:
10 Aug 2026 01:39 pm
