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Gonda: दहेज हत्यारोपी पिता पुत्र को आजीवन कारावास की सजा अर्थदंड भी लगा

Gonda News: गोंडा जिले में दहेज हत्या के आरोपी पिता पुत्र को अदालत ने बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। करीब 6 वर्ष पहले मृतका के भाई ने अपने बहनोई तथा उनके पिता पर दहेज हत्या का केस दर्ज कराया था। न्यायालय ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ 20-20 हजार रुपए का अर्थ दंड भी लगाया है।

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न्यायालय की सांकेतिक फोटो सोर्स AI

Gonda News: दहेज हत्या के एक मामले में अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर पिता पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। के साथ ही दोनों आरोपियों पर 20- 20 हजार का अर्थदंड लगाया है। जनवरी 2020 में मृतका के भाई ने पति और ससुर पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए देहात कोतवाली में केस दर्ज कराया था। विवेचक ने साक्ष्य संकलन मार्च 2020 में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। जिसके बाद न्यायालय ने बुधवार यानी आज पिता पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए अर्थ दंड लगाया है।

Gonda News: गोंडा जिले की एक अदालत ने बुधवार को करीब 6 वर्ष पूर्व हुई घटना में हत्यारोपी पिता-पुत्र को आजीवन कारावास तथा 20-20 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह जानकारी देते हुए विशेष लोक अभियोजक अवनीश धर द्विवेदी ने बताया कि जिले के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के अन्तर्गत मध्यनगरा मोकलपुर के रहने वाले अजय कुमार शुक्ला पुत्र राधेश्याम शुक्ला ने चार जनवरी 2020 को अपनी बहन मधु (22) की दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए बहन के पति देवशरण पाण्डेय और ससुर सतीश पाण्डेय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए, 304बी और 3/4 डीपी एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत करके विवेचना के उपरांत दोनों अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।

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जुर्माना न अदा करने की स्थिति में सजा भुगतना पड़ेगा

विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि सत्र परीक्षण के दौरान विशेष न्यायाधीश नम्रता अग्रवाल ने साक्ष्यों के आधार पर दहेज हत्या के अभियोग को हत्या में तरमीम कर दिया। तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का परिशीलन करते हुए उभय पक्ष के गवाहों के बयानों तथा अधिवक्ताओं के तर्कों के आधार पर बुधवार को मृतका के पति पति देवशरण पाण्डेय और ससुर सतीश पाण्डेय को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास तथा 20- 20 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माने की धनराशि अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।