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जेट्रोफा का फल खाने से चार बच्चे बीमार, जानिए क्या है, इसकी उपयोगिता

जेट्रोफा का फल खाने से चार बच्चे उल्टी दस्त, पेट दर्द, से पीड़ित हो गए हैं।

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Jaitrofa

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गोंडा जनपद के बभनजोत ब्लाक क्षेत्र के गांव पिपरा अदाई में जंगली पौधा जेट्रोफा का फल खाने से 4 बच्चे बीमार हो गए। जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बभनजोत में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात चिकित्सक ने बताया कि बच्चे उल्टी दस्त, पेट दर्द, से पीड़ित हैं। जिनका इलाज किया जा रहा है। सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं।

इन बच्चों ने खाया जेट्रोफा का फल

ग्राम पंचायत पिपरा अदाई मे घर से 4 बच्चे एक साथ खेलने निकले थे। इनमे मोहम्मद अदनान 13 वर्ष , अफजल 11 वर्ष , अयान खान 12 वर्ष , मोहम्मद रफीक 9 वर्ष है। बच्चों के मुताबिक गांव के बाहर खलिहान में जेट्रोफा का पौधा लगा था। इलाज के लिए भर्ती हुए बच्चे अयान ने बताया कि रफीक नाम के लड़का बुलाकर ले गया। उसने जेट्रोफा का फल तोड़कर खाया, कहा बहुत अच्छा लगता है। हम लोगों को भी खिलाया। किसी बच्चे ने चार पांच फल खाया, तो किसी ने 20 से 25 खाया और किसी ने 30 तक खा लिया।

फल खाने के कुछ ही देर उल्टी दस्त व पेट दर्द से पीड़ित हो गए बच्चे

फल खाने के कुछ देर बाद बच्चों की हालत बिगड़ने लगी।

उन्हें उल्टी दस्त और पेट दर्द होने लगा। बच्चों ने घर आकर अपने परिवार वालों को बताया परिवार के लोग हालत देखकर आनन फानन मे बभनजोत सामुदायिक केंद्र बुककनपुर ले गए। जहां पर उनका इलाज चल रहा है।

CHC पर भर्ती बच्चे IMAGE CREDIT: Patrika original

डॉक्टर बोले, इसमें टॉक्सिन के कारण होता मसल्स रिएक्शन

डॉक्टर अनिल मौर्या ने बताया कि जेट्रोफा में एक तरह का टॉक्सिन होता है। इससे मसल रिएक्शन होता है। छोटे बच्चे अगर यह फल तोड़कर खा ले तो उन्हें उल्टी, पेट दर्द , दस्त व गर्मी लगती है। डॉक्टर ने आगे बताया कि सभी बच्चों का इलाज चल रहा है। सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं। बच्चों की हालत ठीक होने पर उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।

जेट्रोफा को जंगली अरण्डी के नाम से जाना जाता

जेट्रोफा को जंगली अरण्डी के नाम से जाना जाता है।

इसका उपयोग बायोडीजल के रूप में होने के कारण यह केरोसिन तेल, डीजल, कोयला, जलौनी लकड़ी के विकल्प के रूप में उभरा है।

जेट्रोफा की उपयोगिता

इस पौधे का जैव ईंधन के अलावा आयुर्वेदिक दवाइयां बनाने, औद्योगिक कच्चे माल के रूप में, जैविक खाद बनाने तथा अन्य कई रूपों में उपयोग होता है। इसके बीज से तेल निकाला जाता है। जेट्रोफा के तेल से बने डीजल में सल्फर की मात्रा बहुत ही कम होने के कारण इसको बायो-डीजल की श्रेणी में रखा गया है।