गौ तस्करों ने छुट्टा जानवरों की तस्करी करने के लिए एक नया तरीका निकाला था। सरकारी कर्मचारी बन गांव में पहुंचते थे। तस्कर ग्रामीणों को बताते थे सरकार से छुट्टा जानवरों को पकड़ने का आदेश हुआ है। छुट्टा जानवरों से परेशान ग्रामीण जानवरों को पकड़वाने में इनकी मदद भी करते थे। जिले के कर्नलगंज कोतवाली के गांव हीराशाहपुर में पहुंचे गौ तस्करों ने ग्रामीणों को बताया कि वह सरकारी कर्मचारी हैं। शासन से छुट्टा जानवरों को पकड़ने का आदेश हुआ है। हम छुट्टा जानवरों को पकड़कर गौशाला ले जाएंगे। छुट्टा जानवरों से परेशान ग्रामीणों के खुशी का ठिकाना ना रहा। ग्रामीणों ने इनकी मदद कर करीब 40 गोवंश को इकट्ठा किया।
ग्रामीणों की मदद से दो गांव के करीब 40 जानवरों को इकट्ठा किया। फिर ट्रक मंगा कर कुछ जानवरों को उस पर लादा था। इन तस्करों के कार्य व्यवहार से ग्रामीणों को शंका हुई। ग्रामीणों द्वारा इसकी सूचना कर्नलगंज कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस के पहुंचते ही गौ तस्कर फरार हो गए। पुलिस ने मौके से एक ट्रक एक बाइक बाइक साइकिल बरामद किया है। इसके साथ ही साथ इकट्ठा किए गए गौ वंश को पुलिस के संरक्षण में सुरक्षित किया गया है
करनैलगंज क्षेत्र के हीरापुरशाह के सम्मय माता स्थान पर सभी जानवरों को इकट्ठा किया गया था। ग्रामीणों ने बताया 2 दिन पूर्व कुछ लोग गांव में आए थे। उनके द्वारा कहा गया कि हम सरकारी कर्मचारी हैं। छुट्टा जानवरों को पकड़कर गौशाला ले जाएंगे। आप सभी के मदद की जरूरत है। ग्रामीणों ने उनकी मदद कर सम्मय माता के मंदिर पर छुट्टा जानवर इकट्ठा कराएं थे। रविवार की देर रात्रि कुछ लोग ट्रक लेकर वहां पहुंचे और जानवरों को ट्रक पर लोड करने लगे। इतने में किसी ग्रामीण ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस के पहुंचते ही गौ तस्कर भाग खड़े हुए। सूचना पर कर्नलगंज कोतवाल,एसडीएम भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे थे। वहीं मामले पर अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि कर्नलगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में कुछ लोग सरकारी कर्मचारी बन ग्रामीणों की मदद से करीब 40 छुट्टा जानवरों को इकट्ठा किया था। ट्रक पर जानवरों को लाद रहे थे। इतने में किसी ग्रामीण को शंका हुई। जिस ने पुलिस को सूचना दिया। इसमें ट्रक समेत एक गौ तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। इस पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है।