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Video Gonda : राजकीय सम्मान के साथ हुआ शहीद का अंतिम संस्कार जनप्रतिनिधियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

जम्मू कश्मीर के श्रीनगर सीआरपीएफ पोस्ट पर तैनात गोंडा के लाल अजय प्रताप सिंह आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए। शहीद का शव आज उसके पैतृक गांव पहुंचा। शहीद को देखने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर किसी की आंखें नम थी। आम जनमानस के साथ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि विधायक ने शहीद को श्रद्धांजलि दिया। शहीद का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। भारत मां की जय उद्घोष के साथ पूरा क्षेत्र गूंज उठा।    

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आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए जिले के वीर सपूत अजय प्रताप सिंह का पार्थिव शरीर जैसे ही सेना के वाहन से उनके पैतृक गांव पहुंचा परिवार दहाड़ मारकर रोने लगा। अपने अमर सपूत को देखने के लिए भारी जन सैलाब उमड़ पड़ा। शहीद को गांव पर ही राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

गोंडा जिले के कर्नलगंज तहसील के गांव छीटवापुर निवासी कर्नलगंज के पूर्व विधायक स्वर्गीय भगेलू सिंह के पौत्र अजय प्रताप सिंह जम्मू के श्रीनगर में सीआरपीएफ पोस्ट पर तैनात थे। देश की सुरक्षा के लिए आतंकियों से लोहा लेते गोंडा का लाल वहां पर शहीद हो गया। रविवार को जब अजय प्रताप सिंह का शव सेना के वाहन से पैतृक गांव पहुंचा तो हजारों की संख्या में जुटे जनसैलाब की आंखें नम हो गई। शहीद के पैतृक गांव पर राजकीय सम्मान और भारत माता के जयघोष के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सीआरपीएफ के जवान, जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। विधायक बावन सिंह ने कहा कि अजय सिर्फ गोंडा के नहीं बल्कि देश के लाल थे। उन्होंने देश की सेवा करते करते अपने प्राणों की आहुति दे दी। उनके साहस और शौर्य को मैं नमन करता हूं।

अजय ने शुक्रवार को मां से किया आखिरी बार बात

अजय ने शुक्रवार को आखिरी बार अपनी मां से बात

किया था। और कहा था मां तुमसे मिलने के लिए बहुत मन करता है। छुट्टी मिलते ही आता हूं। मां ने कहा कि बेटा काम पूरा करके ही आना। अजय की 48 घंटे पहले मां से हुई बात को लेकर अब उनकी मां धर्म दुलारी दहाड़ मारकर कभी रोती है। तो कभी बदहवास हो जाती है।

पत्नी को मायके में मिली मनहूस खबर, तो हो गई बदहवास

अजय प्रताप सिंह की पत्नी प्रीति सिंह अपने मायके सुल्तानपुर गई थी। उनके मोबाइल पर फोन आया कि अजय आतंकियों से लोहा लेते घायल हो गए हैं। तो उन्हें किसी अनहोनी की शंका को लेकर आंसू छलकने लगे। कुछ देर बाद अजय के शहीद होने की मनहूस खबर आई। तो पत्नी दहाड़ मार के रोने लगी। उसके बाद गिरकर बेहोश हो गई। रविवार को घर में अमर शहीद का शव जब उनके पैतृक गांव पहुंचा। तो पत्नी शव से लिपट गई। दो मासूम बेटियां भी भीड़ और लोगों को देख रही थी। अजय प्रताप सिंह तीन सगे भाई हैं। तीनों सेना में तैनात हैं। बड़े भाई अखिलेश प्रताप सिंह जम्मू कश्मीर में सेना में तैनात हैं। वही दूसरे नंबर पर अजय प्रताप सिंह सीआरपीएफ पोस्ट श्रीनगर में तैनात थे। सबसे छोटा भाई अखिलेंद्र प्रताप सिंह आर्मी में है। जो वर्तमान समय में अमरनाथ यात्रा में तैनात हैं।

दो बेटियों के सर से उठा बाप का साया

जम्मू के श्रीनगर में आरपीएफ पोस्ट पर तैनात अजय प्रताप सिंह देश की सुरक्षा के लिए आतंकियों से लोहा लेते शहीद हो गए। अजय के एक 3 साल और एक 8 माह की दो बेटियां हैं। इन मासूम बच्चियों के सर से पिता का साया उठ गया है। लेकिन अभी बच्चियों को नहीं मालूम है कि उनके पिता देश की सेवा करते इस दुनिया से हमेशा के लिए चले गए।