
मजदूर की मौत के बाद जांच में जुटी पुलिस
एथेनॉल प्लांट में काम करते वक्त एक मजदूर की डायर के पंखे में फंस गया। जब तक मोटर को बंद किया जाता। तब तक मजदूर की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई। ठेकेदार ने इसकी सूचना कटरा पुलिस को दिया। सूचना मिलते ही कटरा पुलिस और अपर पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंच गए।
गोंडा जिले के मैजापुर में देश का सबसे बड़ा एथेनॉल प्लांट बलरामपुर चीनी मिल समूह का लगा है। शनिवार की देर रात काम करते वक्त एक मजदूर ड्रायर में फंस गया। वहां मौजूद लोग जब तक कुछ समझ पाते और मोटर को बंद किया जाता तब तक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। इथेनॉल प्लांट चालू हुए करीब एक वर्ष बीत गए। बीते 6 महीने में तीन मजदूर असमय काल के गाल में समा गए। चेन्नई की थ्रायल कंपनी के ठेकेदार आलोक श्रीवास्तव की देखरेख में कंपनी के एक सौ से अधिक मजदूर मैजापुर चीनी मिल के एथेनॉल प्लांट में काम कर रहे हैं। इनके संग बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया गांव निवासी अनिल सिंह (30) भी प्लांट में काम करता था। मजदूर की मौत के बाद हड़कंप मच गया। साथी मजदूरों ने हंगामा भी किया। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष कटरा मनोज राय और अपर पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने रात्रि में ही शव को कब्जे में लेकर पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थानाध्यक्ष मनोज राय ने बताया कि एथेनॉल प्लांट के मोटर में फस कर अनिल सिंह 30 वर्ष की मौत हो गई। मजदूर बिहार प्रदेश के चंपारण जिले के बेतिया गांव का रहने वाला है। उसी के गांव का ठेकेदार है। ठेकेदार वहां से एक सौ मजदूरों को लाकर यहां काम करा रहा है। घटना की सूचना ठेकेदार ने दिया गया। परिजनों को सूचना दे दी गई है। शव को पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। अन्य विधिक कार्रवाई की जा रही है।
Published on:
30 Apr 2023 09:29 am
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