7 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

Gonda News: आयुक्त की बड़ी कार्रवाई,आईजीआरएस पर झूठी रिपोर्ट लगाने में फंसे लेखपाल राजस्व निरीक्षक

Gonda News: एक लेखपाल और राजस्व निरीक्षक पर बड़ी कार्रवाई की तलवार लटक गई है। आइजीआरएस पोर्टल झूठी रिपोर्ट लगाने के मामले में आयुक्त के आदेश के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।

2 min read
Google source verification
Gonda News

आयुक्त देवीपाटन मंडल

Gonda News: गोंडा जिले तरबगंज तहसील में चारागाह की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर न्यायिक तहसीलदार ने बेदखली के आदेश दिए थे। लेकिन राजस्व निरीक्षक और लेखपाल ने मिलकर आइजीआरएस पोर्टल पर झूठी रिपोर्ट लगाकर मामले को निस्तारित कर दिया। प्रकरण आयुक्त के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने इसे बेहद गंभीर प्रकरण माना है। आयुक्त ने डीएम को निर्देश दिया है कि मुख्य राजस्व अधिकारी से जांच कराकर 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। आयुक्त के कड़े तेवर के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।

Gonda News: देवीपाटन मण्डल के आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने लेखपाल और राजस्व निरीक्षक के आइजीआरएस पोर्टल पर झूठी रिपोर्ट लगाने के मामले में कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने इसे बहुत ही गंभीर प्रकरण माना है। आयुक्त ने डीएम को मुख्य राजस्व अधिकारी से जांच कर कर 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। दरअसल चारागाह जमीन के मामले में न्यायिक तहसीलदार तरबगंज ने अवैध अतिक्रमण को मुक्त करने का आदेश दिया था। इस मामले में लेखपाल और राजस्व निरीक्षक ने आइजीआरएस पोर्टल पर गलत रिपोर्ट लगाकर मामले को निस्तारित कर दिया।

आयुक्त ने डीएम को 10 दिनों के भीतर जांच कर कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के दिए निर्देश

Gonda News: तहसील तरबगंज के लेखपाल और राजस्व निरीक्षक पर फर्जी रिपोर्ट के आधार पर चरागाह भूमि मामले का निस्तारण करने के गंभीर आरोपों के चलते जांच के आदेश दिए हैं। मंडलायुक्त को दिए गए शिकायती पत्र में शिकायतकर्ता देवकांत ने कहा है कि चारागाह खाते की भूमि के संबंध मे राजस्व संहिता 2006 की धारा 67 के तहत तहसीलदार न्यायिक द्वारा 22 नवंबर 2023 को बेदखली का आदेश पारित हो चुका था। बावजूद इसके लेखपाल और राजस्व निरीक्षक ने इस आदेश की अवहेलना करते हुए झूठी रिपोर्ट लगाकर आईजीआरएस पर मामला निस्तारित कर दिया। आयुक्त ने डीएम गोण्डा को निर्देशित किया है कि मुख्य राजस्व अधिकारी से पूरे प्रकरण की जांच कराकर 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। जांच के आदेश से इस प्रकरण में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। आयुक्त के कड़े तेवर के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया।