
देश के आठ जिलो और यूपी के तीन महानगरों में लखनऊ, गोरखपुर और बनारस में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में अनाज एटीएम (अन्न पूर्ति मशीन) लगने जा रही है। इसके लिए गोंडा में भी कवायद शुरू हो गई है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली में मिलने वाले खाद्यान्न को लेकर कार्ड धारक अक्सर कोटेदारों से कम अनाज मिलने की शिकायत करते हैं। तकनीक के जरिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के भ्रष्टाचार पर काफी हद तक अंकुश लगा है। सरकार ने घटतौली की शिकायत को दूर करने के लिए देश और प्रदेश के कुछ महानगरों में एटीएम मशीन यानी अन्न पूर्ति मशीन लगाने जा रही है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यूपी के तीन शहरों को चुना गया है।
मशीन पर अंगूठा लगते ही दिखने लगेगा अनाज का विकल्प
कार्डधारक जैसे ही अन्न पूर्ति मशीन पर अंगूठा लगाएगा। उसे गेहूं और चावल का विकल्प दिखाई पड़ेगा। कार्डधारक के विकल्प चुनते ही एटीएम मशीन से अनाज निकलने लगेगा। मशीन से कार्ड धारक को यूनिट के हिसाब से अनाज मिलेगा। 1 मिनट में मशीन करीब 7 किलो अनाज देगी। पूर्ति विभाग के जानकार बताते हैं कि एटीएम मशीन को ई- पास मशीन से जोड़ दिया जाएगा। जैसे ही कार्ड धारक एटीएम मशीन पर अपना अंगूठा लगाएगा। उसका पूरा डाटा आ जाएगा। कार्ड धारक को अपनी यूनिट के हिसाब से अनाज मिलेगा।
जिला पूर्ति अधिकारी बोले- प्रोजेक्ट सफल होने के बाद अन्य जिलों में लगेगी मशीन
जिला पूर्ति अधिकारी कृष्ण गोपाल पांडे ने बताया कि फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में देश के आठ जिलो और यूपी के 3 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मशीन लगाई जा रही है। यह प्रोजेक्ट सफल होने के बाद शासन की ओर से सभी जिलों में अन्न पूर्ति मशीन लगाई जाएगी। जिस तरह से ई-पास मशीन सबसे पहले शहरी क्षेत्र में लगाई गई थी। उसी तरह से एटीएम मशीन भी शहरी क्षेत्र में लगाई जाएगी। उसके बाद विस्तार करके ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगाया जाएगा।
Published on:
23 Mar 2023 06:01 pm
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