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Gonda: जेल में बंदियों का हो रहा कौशल विकास, हुनरमंद बनकर निकलेंगे बाहर करेंगे खुद का रोजगार

Gonda: यूपी की जेल में बंद अपराधियों को हुनर मंद बनाने के लिए उन्हें कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

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मंडलीय कारागार गोंडा

Gonda: जेल में बंद कैदी और बंदी को कौशल विकास मिशन के अंतर्गत विभिन्न तरह के प्रशिक्षण दिया जा रहा। ताकि जेल से निकलने के बाद इन्हें आसानी से रोजगार मिल सके। या फिर ऐसे लोग खुद अपना रोजगार स्थापित कर सकें।

Gonda: यूपी के गोंडा जिले के मंडलीय कारागार में अपराध की दुनिया में कदम रख चुके लोगों को हुनरमंद बनाने के लिए जेल प्रशासन उन्हें कौशल विकास मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षण दिला रहा है। विभिन्न आरोपों में जेल में निरुद्ध बंदियों का कौशल विकास किया जा रहा है। 40 महिला-पुरुषों को रोजगार का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिससे बाहर निकलने के बाद वह सम्मानजनक तरीके से रोजी-रोटी के लिए रोजगार कर बेहतर जीवन यापन कर सकें। चोरी, डकैती, हत्या आदि मामलों में जेल में बंद आरोपियों को बेहतर जीवन देने के लिए कौशल विकास किया जा रहा है।

महिला और पुरुषों को बनाया जा रहा हुनरमन्द

प्रदेश सरकार की कौशल विकास योजना के दूसरे चरण में बंदियोें को दो बैच में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। डिप्टी जेलर विवेक सिंह ने बताया कि 20 महिला बंदियों को कढ़ाई-बुनाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले चरण में 20 महिलाओं को सिलाई भी सिखाई जा चुकी है। वहीं 20 पुरुष कैदियों के बैच को फर्नीचर का काम सिखा कर कुर्सी, मेज, बेड, सोफा, आलमारी आदि बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ऐसे में जेल से सजा पूरी कर छूटने के बाद वह इस हुनर से खुद का व्यवसाय कर दूसरों को भी रोजगार से जोड़ सकेंगे।

जेल अधीक्षक बोले- अलग-अलग ट्रेड का दिया जा रहा प्रशिक्षण

गोंडा कारागार के अधीक्षक पीके सिंह ने बताया कि बंदियों को कौशल विकास के तहत हुनरमंद बनाने के लिए अलग अलग ट्रेड से जुड़े कार्यों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ताकि सजा पूरी करने के बाद इन्हें भरण पोषण के लिए परेशानी न उठानी पड़े। इस दौरान परिसर में ही आधार कार्ड बनवाने की सुविधा भी मुहैया कराई जा रही है।