
साइबर अपराध का एक सनसनीखेज का मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों के एक गैंग ने सफाई कर्मचारी से लड़की बनकर बातचीत करना शुरू किया। फिर व्हाट्सएप कॉल से बातचीत करने के लिए प्रेरित किया। व्हाट्सएप कॉल करते ही अश्लील वीडियो दिखाकर उसे उत्तेजित किया। फिर कर्मचारी का न्यूड वीडियो बनाकर रुपयों की मांग कर ठगी करते रहे।
साइबर अपराधियों के टॉर्चर से हुई सफाई कर्मी की मौत
बलरामपुर जनपद के तुलसीपुर थाना क्षेत्र के गांव शेखडीह सुखरामपुर निवासी इस्तखाम पुत्र सय्यद हुसैन पेशे से सफाई कर्मचारी था। साइबर अपराधियों के टॉर्चर से परेशान होने पर 4 माह पूर्व घबराहट के कारण उसकी मौत हो गई।
सफाई कर्मचारी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में एक सड़क के किनारे पाया गया। इस मामले में परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू की तो काफी चौंकाने वाला मामला सामने आया।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि वह किसी के खाते में पैसा भेजता था। कुछ दिनों से बहुत परेशान रहता था। उसके व्हाट्सएप नंबर पर किसी ने न्यूड तस्वीरे भेजी हैं।चैटिंग में उक्त फोटो और वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर पैसे की मांग की गई है।
पुलिस की जांच में चौंकाने वाला मामला आया सामने
यूपी के बलरामपुर जिले में साइबर ठगी का एक नया तरीका सामने आया है। पुलिस अधीक्षक राजेश सक्सेना ने बताया कि इस्तखाम पुत्र सय्यद हुसैन निवासी शेखडीह सुखरामपुर थाना तुलसीपुर बलरामपुर जो सफाई कर्मी के पद पर कार्यरत था। जिसका शव थाना महराजगंज तराई क्षेत्र के एनएच-730 पर बरामद हुआ था।एसपी ने बताया कि घटना के अनावरण व अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर आवश्यक निर्देश दिये गये। गिरफ्तारी को लेकर बीस,बीस हजार का ईनाम भी रखा गया था।
लड़की बनकर दोस्ती करने के लिए भेजते थे मैसेज
विवेचना के क्रम में साइबर व सर्विलान्स टीम द्वारा उपलब्ध कराये गये डाटा के आधार पर यह तथ्य प्रकाश मे आया कि इस गिरोह द्वारा फर्जी डीपी के माध्यम से लड़की बनकर दोस्ती करने का व्हाट्सएप पर मैसेज भेजते थे।
वीडियो कॉल करने पर दिखाते महिला की नग्न तस्वीर
व्हाट्सएप से वीडियो कॉल करने के लिए कहते थे।
जब कोई व्यक्ति वीडियो काल करता था। तब दूसरी तरफ से महिला की नग्न तस्वीर दिखाकर उत्तेजित किया जाता था। जब सम्बंधित व्यक्ति कोई भी अश्लील हरकत करने लगता उसकी वीडियो काल का एक क्लिप बना लिया जाता था।
वीडियो क्लिप भेजकर करते थे, पैसों की मांग ना देने पर वायरल की धमकी
वीडियो क्लिप को गिरोह में शामिल व्यक्तियों द्वारा शिकार व्यक्ति के व्हाट्सएप नम्बर में भेजा जाता था। तथा पीड़ित के व्हाट्सएप नम्बर पर बैंक खाते के नम्बर गूगल पे,फोन पे आदि का विवरण भेजते हुए उक्त खातों में पैसा भेजने हेतु दबाव बनाया जाता था। पैसा न भेजने पर इस न्यूड वीडियो क्लिपों को वायरल करने की धमकी दी जाती थी।
क्राइम ब्रांच के अधिकारी बन देते गिरफ्तारी की धमकी
साइबर क्राइम के शिकार व्यक्ति की वीडियो क्लिप बन जाने के बाद तरह-तरह के मैसेज भेज कर पैसों की मांग की जाती थी। क्राइम ब्रांच के अधिकारी बनकर वीडियो का हवाला देते हुए मुकदमा लिख कर गिरफ्तार करने की धमकी दी जाती थी। मुकदमा और गिरफ्तारी से बचने के लिए पैसों की मांग की जाती थी।
पुलिस टीम ने राजस्थान से दो साइबर ठगों को किया गिरफ्तार
पुलिस टीम ने राजस्थान के जनपद भरतपुर से मुस्ताक खाँ पुत्र शरीफ मुहम्मद निवासी मोहल्ला नगर सिकरी रोड थाना नगर जिला भरतपुर राजस्थान, सारुख खाँ पुत्र हमीद खाँ निवासी धनमतपुरा थाना नगर जिला भरतपुर राजस्थान को गिरफ्तार किया गया।
कई राज्यों में फैले हैं साइबर ठगों के जाल
पुलिस की पूछताछ में इन लोगों द्वारा न्यूड तस्वीरें बनाकर धमकी देने का मामला स्वीकार किया।
इनके अलावा इनके कई अन्य साथी भी हैं। आरोपियों द्वारा यह भी बताया गया कि इनके गिरोह द्वारा अभी तक कई राज्यों से बहुत सारे लोगों के साथ इस तरह का अपराध किया जा चुका है। धमकी के माध्यम से काफी लोगों से करोड़ों रुपया लिया जा चुका है।
साइबर ठगों से बचने के लिए पुलिस चलाती जागरूकता अभियान
साइबर ठगों से बचने के लिए पुलिस तरह-तरह के जागरूकता अभियान चलाती है। अभियान के माध्यम से यह बताया जाता है। अनजान व्यक्ति से व्हाट्सएप कॉल पर बात ना करें। व्हाट्सएप कॉल का कोई रिकॉर्ड नहीं होता है। सोशल मीडिया के किसी भी माध्यम से महिला मित्र के नाम पर बातचीत ना करें। अनजान व्यक्तियों द्वारा भेजे गए किसी भी लिंक को कभी मत खोलें, इसके अलावा किसी भी तरह की ओटीपी अपरिचित व्यक्तियों को ना बताएं। बैंक कभी भी फोन करके कोई डिटेल नहीं मांगता है।
Published on:
11 Jan 2023 05:53 pm
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